Delhi Weather: दिल्ली में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है, क्योंकि शहर अब मॉनसून के बाद के दौर में प्रवेश कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजधानी में अगले दो से तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
वहीं, IMD ने शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दिल्ली में आंधी-तूफान और 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है और एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के साथ मिल रहा है, इसलिए शनिवार, रविवार और सोमवार को बारिश होने की उम्मीद है। उत्तराखंड और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।
इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से पहले यानी 23 सितंबर को दिल्ली से लौट गया। मौसम विभाग के मुताबिक, साल 2002 के बाद यह राजधानी से मानसून की सबसे जल्दी वापसी है। हालांकि, मानसून की विदाई के बावजूद अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश व गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में मानसून के मौसम के दौरान 728.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 629.7 मिमी के लंबे समय के औसत से लगभग 16% ज्यादा है।
वहीं, बीते दिन यानी शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने और पूरब से आने वाली नमी वाली हवाओं की वजह से तापमान कम रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 33°C रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2°C दर्ज किया गया। IMD ने शनिवार के लिए अधिकतम तापमान 32-34°C और न्यूनतम तापमान 22-23°C रहने का अनुमान लगाया है।
बारिश से स्मॉग बनने में देरी हो सकती है
जैसे-जैसे दिल्ली सर्दियों के प्रदूषण वाले मौसम की ओर बढ़ रही है, बारिश का यह नया दौर हवा की खराब होती क्वालिटी से कुछ समय के लिए राहत भी दे सकता है। शुक्रवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 78 था, जो इसे 'संतोषजनक' कैटेगरी में रखता है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ठंडक का मतलब सर्दियों का आना नहीं है। मौजूदा मौसम सिस्टम के हटने के बाद तापमान के फिर से बढ़ने की उम्मीद है।
एक्सपर्ट्स प्रशांत महासागर में बदलती स्थितियों, जैसे कि मजबूत होते अल-नीनो, पर भी नजर रख रहे हैं ताकि मौसम के पैटर्न पर उनके संभावित असर को समझा जा सके। अगर आने वाले हफ्तों में बारिश कम रहती है, तो मिट्टी में नमी कम होने और धूल बढ़ने से दिल्ली के वायु प्रदूषण में और बढ़ोतरी हो सकती है।