दिल्ली के सेंट कोलंबा स्कूल सुसाइड केस में 4 टीचर सस्पेंड! परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, भारी विरोध प्रदर्शन

Delhi: St Columba's स्कूल के चार शिक्षकों, जिनका नाम 10वीं कक्षा के छात्र शौर्य पाटिल (16) की आत्महत्या से जुड़े FIR में आया था, को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। आदेश में कहा गया है कि "मामले की जांच चल रही है, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, सक्षम प्राधिकारी ने आपको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।"

अपडेटेड Nov 21, 2025 पर 8:16 AM
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दिल्ली के सेंट कोलंबा स्कूल सुसाइड केस में 4 टीचर सस्पेंड! परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, भारी विरोध प्रदर्शन

Delhi: St Columba's स्कूल के चार शिक्षकों, जिनका नाम 10वीं कक्षा के छात्र शौर्य पाटिल (16) की आत्महत्या से जुड़े FIR में आया था, को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। आदेश में कहा गया है कि "मामले की जांच चल रही है, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, सक्षम प्राधिकारी ने आपको तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है।"

आदेश में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों को "आधिकारिक संचार के लिए उपलब्ध रहना होगा, स्कूल आने या बिना लिखित अनुमति के छात्रों, कर्मचारियों या अभिभावकों से बातचीत करने से बचना होगा।"

बता दें कि शौर्य का परिवार उसके अंतिम संस्कार के लिए महाराष्ट्र के सांगली लौट आया, जहां उसके दादा-दादी रहते हैं। उसका अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव, वीटा तहसील के धवलेश्वर में किया गया।


टाइम्स ऑफ इंडिया से शौर्य के पिता प्रदीप पाटिल ने कहा: "पिछले छह महीनों से, वह हमें बताता रहा कि उसे सामान्य बातचीत के लिए भी निशाना बनाया जा रहा है और और शिक्षक उसे अपमानित कर रहे हैं। हमें बार-बार बहुत छोटी-छोटी बातों पर स्कूल बुलाया जाता था, खासकर पिछले चार महीनों में।"

स्कूल की छुट्टियों से कुछ दिन पहले, शौर्य ने अपने पिता से उसे स्कूल से निकालने की गुहार लगाई थी। उसके पिता ने वादा किया था कि छुट्टियों के बाद उसका तबादला कर दिया जाएगा। लेकिन उसके परिवार का आरोप है कि उत्पीड़न इतना बेरहम था कि मेरा बेटा इसे बर्दाश्त नहीं कर सका।

शौर्य के पिता ने कहा, "उसकी छुट्टियां बस 8-10 दिन दूर थीं। उसके बाद, उसे सिर्फ प्री-बोर्ड के लिए आना था। हमने उसे आश्वासन दिया था कि यह सब खत्म होने के बाद, हम उसे अगले दो सालों के लिए दूसरे स्कूल में भेज देंगे।"

उन्होंने आगे कहा, चूंकि 20 इंटरनल मार्क्स स्कूल के पास हैं, इसलिए हम उसके बोर्ड परीक्षा के परिणाम को जोखिम में नहीं डालना चाहते थे। हमने सोचा कि शिक्षकों के साथ विवाद न करके बस इंतजार करना ही बेहतर होगा।

बातचीत के दौरान पाटिल ने अपने बेटे को करिश्माई और खुशमिजाज बताया, उन्होंने कहा कि उसे डांस का शौक था और उसने एक महीने पहले ही एक प्रतियोगिता में स्कूल का प्रतिनिधित्व किया था। हम उसकी बोर्ड परीक्षाओं के बाद फैमिली के साथ चीन की यात्रा पर जाने का प्लान कर रहे थे। यह उसकी इच्छा थी, सब कुछ पहले से ही तय था।

सुसाइड नोट में क्या लिखा था?

शौर्य के बैग से मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि उसे अफसोस है और उसके शरीर के अंग किसी जरूरतमंद को दान कर दिए जाएं। इसमें उन शिक्षकों के नाम भी थे जिन्होंने कथित तौर पर उसका अपमान किया था। इसमें लिखा था, "मेरी आखिरी इच्छा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो, मैं नहीं चाहता कि कोई और बच्चा मेरे जैसा कुछ करे।"

शोक में डूबे पाटिल ने कहा, "खासकर उसका नोट पढ़ने के बाद मैं खुद को संभाल रहा हूं। हम न्याय के लिए लड़ना बंद नहीं करेंगे।"

स्कूल के बाहर जुटे लोग

गुरुवार को कई माता-पिता, पूर्व छात्र और पारिवारिक मित्र गुस्से और शोक में एकत्रित हुए। शौर्य के द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट की कॉपी स्कूल के गेट और चारदीवारी के बाहर चिपका दी गईं, जिससे अभिभावकों की भीड़ उमड़ पड़ी और वे उसके अंतिम शब्द पढ़ने के लिए रुक गए।

विरोध प्रदर्शन में शामिल पाटिल परिवार के एक रिश्तेदार चंद्रशील धवन (35) ने कहा, "कई बच्चों ने अब हमें बताया है कि उन्हें उन्हीं शिक्षकों ने परेशान किया था। वे तो सब कुछ लिखकर पुलिस के पास जाने की भी योजना बना रहे थे।"

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस दिन घटना हुई थी उस दिन सुबह शौर्य को शिक्षकों ने टखने में मोच आने के कारण डांस न करने के लिए धमकाया था। वह पिछले गेट से निकल गया और अपने पिक-अप पॉइंट तक नहीं पहुंचा, जिससे उसका ड्राइवर उसे ढूंढ़ न सका। जिसके बाद हमें खबर मिली की वह मेट्रो स्टेशन से कूद गया है।"

अभिभावकों ने स्कूल काउंसलर पर लगाया आरोप

प्रदर्शनकारी अभिभावकों ने कहा कि स्कूल के काउंसलर "सिर्फ कागजों पर" मौजूद हैं और छात्र उनसे संपर्क करने में सुरक्षित महसूस नहीं करते। पूर्व छात्रों ने कहा कि स्कूल को उस "पिक-एंड-पॉइंट कल्चर" को खत्म करना चाहिए जो बार-बार छात्रों को निशाना बनाती है। पूर्व छात्र आदित्य सागर (18) ने कहा, "स्कूल में काउंसलर तो हैं, लेकिन छात्र शिक्षक संबंधी मुद्दों को लेकर उनसे कम ही संपर्क करते हैं। वे सभी एक ही सिस्टम का हिस्सा हैं, इसलिए यह शिकायत करने के लिए सुरक्षित जगह नहीं लगती।"

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस की एक टीम ने स्कूल का दौरा किया और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए। एक अधिकारी ने बताया, "हमने FIR में नामजद शिक्षकों का विवरण एकत्र कर लिया है और उन्हें जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया जाएगा।"

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