LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, होटल-रेस्टोरेंट्स को दिया 20% कमर्शियल LPG कोटा

देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने देश में कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई में 20% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से देश भर के होटल, रेस्टॉरेंट और ढाबा संचालकों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है

अपडेटेड Mar 21, 2026 पर 7:46 PM
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LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, होटल-रेस्टोरेंट्स को दिया 20% कमर्शियल LPG कोटा

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिखाई देने लगा है। भारत में भी LPG को लेकर संकट बढ़ता दिख रहा है। लोग गैस भराने के लिए घंटों तक लाइनों में लग रहे हैं। देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने देश में कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई में 20% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से देश भर के होटल, रेस्टॉरेंट और ढाबा संचालकों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने उठाया बड़ा कदम 

सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण आपूर्ति में आई रुकावट को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, अतिरिक्त 20% आवंटन को मंजूरी दी गई है, जिससे कुल बढ़ोतरी अब 50% तक पहुंच गई है। यह फैसला पहले की 10% बढ़ोतरी को आगे बढ़ाते हुए लिया गया है, ताकि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के इस्तेमाल और विस्तार को भी बढ़ावा दिया जा सके।


इतनी है LPG की खपत

सरकार के निर्देशों के अनुसार अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि बाकी इलाकों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई संभाल रही हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में इन क्षेत्रों में व्यापारिक इस्तेमाल के लिए करीब 13,479 मीट्रिक टन एलपीजी की खपत दर्ज की गई है। सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, लेकिन देश के अंदर कहीं भी एलपीजी की कमी की कोई खबर नहीं है और वितरण सामान्य रूप से जारी है।

DAC सिस्टम के जरिए डिलीवरी

सरकार ने बताया कि अब ज्यादातर एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) सिस्टम के जरिए की जा रही है, जिससे वितरण पहले से ज्यादा व्यवस्थित हो गया है और घबराहट में की जाने वाली बुकिंग के मामले भी कम हुए हैं। फिलहाल घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। यह जानकारी ऐसे समय आई है जब भारत खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संकट के असर को संभाल रहा है। सरकार के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक करीब 3.3 लाख लोग पश्चिम एशिया से भारत लौट चुके हैं, जिससे बड़े पैमाने पर निकासी और यात्रा में बदलाव का पता चलता है। हालांकि हवाई सेवाएं कुछ हद तक प्रभावित हुई हैं, लेकिन संचालन जारी है—यूएई से करीब 90 उड़ानें चलने की उम्मीद है, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भी सेवाएं जारी हैं, और कतर ने भी सीमित रूप से उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं।

सरकार के मुताबिक, पश्चिमी फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाज़ फंसे हुए हैं, जिनमें 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक 534 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में लौटे 21 लोग भी शामिल हैं। इस पूरे संकट के दौरान छह भारतीयों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है।

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