ग्रेटर नोएडा में आने वाले दिनों में लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और नई सुविधाएं मिलने वाली हैं। ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक और आने-जाने की परेशानी कम करने के लिए दो अहम परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। एक मूर्ति चौक से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाने की योजना है। इस योजना से शाहबेरी के संकरे रास्ते पर जाम की समस्या कम होगी। इसके अलावा जुनपत को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 105 मीटर लंबी सड़क भी बनाई जाएगी। इससे गाजियाबाद, दादरी और बोडाकी में बनने वाले मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंच आसान होगी। इससे लोगों को आने-जाने के साथ रहने की भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इसी के साथ अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में नई सड़क, NDRF सेंटर, मजदूरों के लिए घर और पब्लिक लाइब्रेरी समेत कई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन कामों से शहर में ट्रैफिक की समस्या कम होगी और लोगों को आने-जाने के साथ रहने की भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
ग्रेटर नोएडा में पहली बार करीब 7 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके एक हिस्से से ग्रेटर नोएडा वेस्ट से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहनों को रास्ता मिलेगा, जबकि दूसरे हिस्से का इस्तेमाल गाजियाबाद और क्रॉसिंग रिपब्लिक से आने वाले वाहन कर सकेंगे। इस परियोजना की पूरी योजना NHAI तैयार करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियां हैं और शाहबेरी की सड़क काफी संकरी है, इसलिए यहां डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाना जरूरी है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, शाहबेरी और क्रॉसिंग्स रिपब्लिक तेजी से विकसित हुए हैं। लेकिन इन इलाकों के बीच बेहतर सड़क कनेक्टिविटी नहीं होने से अक्सर जाम लगता है और वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रवि कुमार एनजी के मुताबिक, फ्लाईओवर परियोजना को बोर्ड की 144वीं बैठक में मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन, काम शुरू करने से पहले नोएडा और यमुना अथॉरिटी की मंजूरी भी जरूरी है। इस फ्लाईओवर की अनुमानित लागत 756 करोड़ रुपये है, जिसे तीनों अथॉरिटी मिलकर वहन करेंगी।
जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) तक बनने वाली करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क को मंजूरी मिल गई है। इस सड़क का निर्माण NHAI करेगा और इससे परी चौक से बोडाकी और दादरी तक आने-जाने में सुविधा होगी। इस इलाके में मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित किए जा रहे हैं। प्रस्तावित 10-लेन सड़क एक रेलवे लाइन और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को पार करते हुए EPE से जुड़ेगी। इसके लिए जरूरी जमीन ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी उपलब्ध कराएगी।
बोर्ड ने NDRF और मजदूरों से जुड़ी कई योजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें NDRF के लिए रिस्पॉन्स सेंटर और मजदूरों के लिए आवास बनाने की योजनाएं शामिल हैं। इससे उन्हें बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित रहने की जगह मिलेगी। NDRF की 8वीं बटालियन के लिए ओमिक्रॉन-1A में कम से कम 30 फ्लैट मुफ्त में दिए जाएंगे, जहां क्षेत्रीय रिस्पॉन्स सेंटर बनाया जाएगा। NDRF ने प्राकृतिक आपदा, बाढ़, औद्योगिक हादसे और दूसरी आपात स्थितियों में राहत और बचाव का काम जल्दी शुरू करने के लिए ग्रेटर नोएडा में कैंप और कार्यालय के लिए जगह मांगी थी। इसके अलावा निर्माण मजदूरों और दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों के लिए भी आवास की व्यवस्था की जाएगी।
पब्लिक लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी
अधिकारियों के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने निर्माण मजदूरों के लिए पटवारी और बिरोंडी गांव में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने की जगह तय कर ली है। इन घरों में मजदूरों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इनका निर्माण इस साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा मजदूरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल भी बनाए जाएंगे। इसके लिए इकोटेक-6 और 11 में 3,000 वर्ग मीटर जमीन श्रम विभाग को दी जाएगी। वहीं, अल्फा-1 में 1,360 वर्ग मीटर क्षेत्र में तीन मंजिला पब्लिक लाइब्रेरी बनाने को भी मंजूरी मिल गई है।