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IDBI Bank Prem Watsa Success Story: कनाडा के वारेन बफे! एक हैदराबादी जो भारत से 8 डॉलर लेकर गया था कनाडा, अब संभालेगा आईडीबीआई बैंक की कमान

IDBI Bank Prem Watsa Success Story: प्रेम वत्स जब आगे की पढ़ाई के लिए कनाडा पहुंचे थे, तो उनकी जेब में कुल 8 डॉलर थे। उन्हें अक्सर कनाडा का वॉरेन बफेट कहा जाता है। उनकी कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स ने आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी खरीदी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 15, 2026 पर 1:04 PM
IDBI Bank Prem Watsa Success Story: कनाडा के वारेन बफे! एक हैदराबादी जो भारत से 8 डॉलर लेकर गया था कनाडा, अब संभालेगा आईडीबीआई बैंक की कमान
कनाडा के वारेन बफेट के नाम से मश्हूर वत्स का जन्म 1950 में हैदराबाद के पास हुआ था।

IDBI Bank Prem Watsa Success Story: देश के प्रमुख बैंक आईडीबीआई में सरकारी ने अपनी हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी है। कनाडा की फेयरफैक्स कंपनी 52,878 करोड़ रुपये IDBI बैंक में सरकार की हिस्सेदारी खरीद रही है। फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सहयोगी इकाई ने IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाई थी, जिसे सरकार ने बुधवार को मंजूरी दे दी।

खास बात यह है कि फेयरफैक्स कंपनी के पीछे भी एक भारतीय नाम है। यह हैदराबाद में जन्मे भारतीय मूल के निवेशक प्रेम वत्स हैं, जो कनाडाई फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप के प्रमुख हैं। मौजूदा एक्सचेंज रेट पर यह डील लगभग 5.6 अरब डॉलर की है, जो फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स कॉर्पोरेशन की कुल संपत्तियों से ज्यादा है। कंपनी ने 30 जून, 2026 तक 3.76 अरब डॉलर के संपत्तियों और 2.94 अरब डॉलर की इक्विटी की जानकारी दी। फेयरफैक्स की 81 रुपये प्रति शेयर की विनिंग बिड दो इंडिपेंडेंट वैल्यूएशन के जरिए तय किए गए 75.99 रुपये के बेंचमार्क प्राइस से ज्यादा थी। सरकार ने कहा कि बिड बेंचमार्क से ऊपर और सही थी।

कौन हैं प्रेम वत्स?

कनाडा के वारेन बफेट के नाम से मश्हूर वत्स का जन्म 1950 में हैदराबाद के पास हुआ था। वह टोरंटो स्थित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। वत्स ने 1971 में IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद पिता की सलाह पर आगे की पढ़ाई के लिए कनाडा चले गए। उन्हें अक्सर कनाडा का वॉरेन बफेट कहा जाता है।

जेब में सिर्फ 8 कनाडाई डॉलर से खड़ा किया साम्राज्य

प्रेम वत्स जब आगे की पढ़ाई के लिए कनाडा पहुंचे थे, तो उनकी जेब में कुल 8 डॉलर थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वत्स ने वहां की मशहूर यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ओंटारियो से एमबीए किया, जिसे अब रिचर्ड आइवी स्कूल ऑफ बिजनेस के नाम से जाना जाता है। उन्होंने घर-घर जाकर एयर कंडीशनर और फर्नेस बेचकर अपनी पढ़ाई का खर्च उठाया। 1974 में वह एक इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट के तौर पर कन्फेडरेशन लाइफ इंश्योरेंस में शामिल हुए, जहां उनके मैनेजर, जॉन वॉटसन ने उन्हें बेंजामिन ग्राहम के वैल्यू इन्वेस्टिंग के सिद्धांतों से परिचित कराया।

1984 में रखी हैम्बलिन वत्स इंन्वेस्टमेंट काउंसिल की नींव

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