IMD cyclone warning: बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र अब गंभीर रूप ले सकता है। मौसम के बदलते मिजाज के बीच आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह मौसमी सिस्टम 25 अक्टूबर तक गहरे अवदाब में बदल सकता है। जबकि 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद इसके उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।
IMD ने जारी किया वेदर बुलेटिन
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन में इस मौसमी सिस्टम की जानकारी दी है। इसके मजबूत होने के साथ ही भारत के पूर्वी तट पर बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम शुक्रवार सुबह 5:30 बजे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना। अब इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उत्तर आंध्र प्रदेश तथा उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों की ओर जाने की संभावना है।
ऐसे में आने वाले कुछ दिन इन राज्यों के तटीय क्षेत्रों के लिए अहम रहने वाले हैं। समुद्र में बन रहे इस सिस्टम के मजबूत होने से तटीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में मछुआरों, समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और तटीय इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
कब और कैसे मजबूत होगा तूफान? समझिए पूरा अपडेट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में चरणबद्ध तरीके से मजबूत हो सकता है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम अगले कुछ दिनों में अलग-अलग चरणों से गुजर सकता है। इसके 24 अक्टूबर को अवदाब, 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई गई है। इसके बाद सिस्टम उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकता है।इसकी संभावित स्थिति इस प्रकार है:-
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम का असर पहले से दिखाई देने की संभावना है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। 27 से 29 अक्टूबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। रायलसीमा क्षेत्र में भी 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और बड़े होर्डिंग के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय भी सतर्क रहने की जरूरत है।
ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर तक बढ़ सकती है बारिश
ओडिशा में 26 अक्टूबर से मौसम की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 27, 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा भी बना रहेगा। अगर सिस्टम लगातार मजबूत होता है, तो तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है। तेज हवाओं के कारण कमजोर ढांचों, पेड़ों और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने और सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
बंगाल की खाड़ी में मौसम बिगड़ने की आशंका के बीच मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 से 25 अक्टूबर के दौरान पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है। इसके बाद 26 से 28 अक्टूबर के बीच पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी प्रतिकूल परिस्थितियां बनने की आशंका है। मछुआरों के अलावा जहाजों, बंदरगाहों और समुद्र में काम करने वाली एजेंसियों को भी मौसम संबंधी ताजा निर्देशों पर नजर रखने की जरूरत है।
इस बीच, मौसम एक्सपर्ट के मुताबिक, फिलहाल संभावित दिशा को लेकर संकेत जरूर हैं। लेकिन तूफान के तट से टकराने की सटीक जगह और उसकी अंतिम तीव्रता को निश्चित मानना सही नहीं होगा। IMD के अनुसार, सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर जा सकता है। आगे की स्थिति इसके स्पीड पर निर्भर करेगी।