India Heavy Rain Alert: दिल्ली से यूपी-बिहार तक भारी बारिश और बवंडर की चेतावनी! IMD ने इन 25 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट
IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 जुलाई को एक विशेष बुलेटिन जारी कर देश के 25 से अधिक राज्यों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश और तीव्र बवंडर का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, उतर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों के ऊपर एक डीप डिप्रेशन बन गया है
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 05, 2026 पर 3:45 PM
IMD Heavy Rain Alert: कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और तीव्र बवंडर का हाई अलर्ट जारी हुआ है
IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून की रफ्तार अब विनाशकारी रूप अख्तियार कर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 जुलाई को एक विशेष बुलेटिन जारी कर देश के 25 से अधिक राज्यों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश और तीव्र बवंडर का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, उतर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों के ऊपर एक डीप डिप्रेशन बन गया है।
इसके प्रभाव से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण की ऊंचाई समुद्र तल से 9.4 किमी ऊपर तक है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुकी हुई है। यह मौसमी सिस्टम अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसकी वजह से मध्य, पूर्वी और पश्चिमी भारत में मूसलाधार आफत बरसने वाली है।
मानसून की स्थिति
5 जुलाई को मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3 दिनों के भीतर उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के शेष इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट'
डीप डिप्रेशन के सीधे प्रभाव के कारण आईएमडी ने निम्नलिखित राज्यों के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली के साथ अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है:-
छत्तीसगढ़ और मध्य महाराष्ट्र: 5 और 6 जुलाई को रिकॉर्डतोड़ मूसलाधार बारिश की आशंका है।
ओडिशा और सौराष्ट्र व कच्छ: 5 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है।
कोंकण व गोवा और गुजरात क्षेत्र: 5 से 7 जुलाई के दौरान लगातार अत्यंत भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-पंजाब में आंधी का अलर्ट, यूपी में बहुत भारी बारिश
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: इन राज्यों में 5-6 जुलाई और 10 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। लेकिन 7 से 9 जुलाई और 11 जुलाई को व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। 6 से 9 जुलाई और 11 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश का अलर्ट है। इसके साथ ही 5 जुलाई को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी।
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 5-8 जुलाई और पूर्वी यूपी में 5-7 जुलाई तक छिटपुट बारिश का अनुमान है। इसके बाद पूर्वी यूपी में 8 से 11 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 9 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक मानसून सक्रिय होगा। पश्चिमी यूपी में 9-11 जुलाई और पूर्वी यूपी में 8-9 जुलाई को भारी बारिश होगी जबकि पूर्वी यूपी में 10-11 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 5 जुलाई को दोनों हिस्सों में 40-50 किमी/घंटे की आंधी और 6-8 जुलाई को बिजली कड़कने की चेतावनी है।
राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 6-10 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी जिसमें 6-10 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 5 व 11 जुलाई को भारी बारिश शामिल है। पश्चिमी राजस्थान में 5-11 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 7-8 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूरे राजस्थान में 5-11 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की आंधी चलेगी।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों राज्यों में 5-11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। उत्तराखंड में 5-6 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 7-11 जुलाई को भारी बारिश होगी। साथ ही पूरे हफ्ते बिजली कड़कने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में 6-7 जुलाई को बहुत भारी और 5 व 8-11 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद: यहां 5-6 जुलाई को छिटपुट और 7-11 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 6-8 जुलाई को भारी बारिश और 5-11 जुलाई के दौरान 40-50 किमी/घंटे की आंधी का अलर्ट है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश, छत्तीसगढ़ में बवंडर
मध्य प्रदेश और विदर्भ: पश्चिमी मध्य प्रदेश (5-9 जुलाई) और पूर्वी मध्य प्रदेश व विदर्भ (5-10 जुलाई) में व्यापक बारिश होगी। 5 से 8 जुलाई के दौरान दोनों मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश होगी, जबकि 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 6-7 जुलाई को भारी बारिश होगी। यहां 5-9 जुलाई तक आंधी-बिजली का अलर्ट है और 5 जुलाई को पश्चिमी एमपी में तीव्र बिजली कड़केगी।
छत्तीसगढ़: यहां 5-6 जुलाई और 11 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 5-6 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 5-8 जुलाई के बीच भारी बारिश का भी दौर चलेगा। 5 जुलाई को यहाँ 40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी चलेगी।
पूर्वी भारत: बिहार में आकाशीय बिजली का अलर्ट, अंडमान में थंडरस्कॉल
बिहार: बिहार में 5 से 11 जुलाई के दौरान छिटपुट से बिखरी हुई बारिश होगी लेकिन 6-8 जुलाई और 11 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। 5 जुलाई और 7-11 जुलाई को 30-40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की हवाएं चलेंगी। विशेष रूप से 6 जुलाई को बिहार में तीव्र आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल: झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में 5-11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। झारखंड में 5-8 जुलाई और गंगीय पश्चिम बंगाल में 6 जुलाई को भारी बारिश होगी। गंगीय पश्चिम बंगाल में 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। झारखंड में 5-9 जुलाई और गंगीय पश्चिम बंगाल में 5-7 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की आंधी चलेगी।
ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: ओडिशा में 5 जुलाई को अत्यंत भारी 6 जुलाई को बहुत भारी और 7-8 जुलाई को भारी बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5-7 व 10-11 जुलाई को भारी बारिश और 8-9 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहां 5-6 जुलाई को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी है। 7-11 जुलाई को यहां 40-50 किमी/घंटे की आंधी चलेगी।
पश्चिमी भारत: महाराष्ट्र और गुजरात में मूसलाधार आफत
कोंकण व गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 5-11 जुलाई और गुजरात क्षेत्र में 5-9 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। दोनों क्षेत्रों में 5-7 जुलाई को अत्यंत भारी और 9 जुलाई को भारी बारिश होगी जबकि 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। सौराष्ट्र और कच्छ में 5 जुलाई को अत्यंत भारी और 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी।
मध्य महाराष्ट्र और मराठावाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 5-6 जुलाई को अत्यंत भारी, 7 जुलाई को बहुत भारी और 8-9 जुलाई को भारी बारिश होगी। मराठावाड़ा में 5-6 जुलाई को भारी बारिश होगी। इन सभी क्षेत्रों में 5-6 जुलाई को 40-50 किमी/घंटे की आंधी चलने का अनुमान है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: 70 किमी/घंटे की रफ्तार का थंडरस्कॉल और भारी बारिश
थंडरस्कॉल और आंधी की चेतावनी: तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 5 से 7 जुलाई के दौरान 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनाम में 5 जुलाई को ऐसा ही बवंडर दिखेगा। रायलसीमा और तेलंगाना (5-11 जुलाई) में तेज सतही हवाएं चलेंगी।
बारिश का अलर्ट: तटीय कर्नाटक (5-9 जुलाई), उत्तरी आंतरिक कर्नाटक (5-7 जुलाई), दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक (5-8 जुलाई) और केरल व माहे (6-7 जुलाई) में बहुत भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश में 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 5 जुलाई को और केरल में 5 व 8-9 जुलाई को भारी बारिश होगी।
उत्तर-पूर्व भारत: सातों राज्यों में व्यापक बारिश
असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 5-6 जुलाई को छिटपुट और 7-11 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। अरुणाचल में 6-11 जुलाई और असम व मेघालय में 5-11 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 5-9 जुलाई के दौरान यहां गरज-चमक का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 5-11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 5-11 जुलाई के बीच भारी बारिश और 5 जुलाई को 40-50 किमी/घंटे की आंधी का अलर्ट है।
तीखी गर्मी और उमस की मार
बारिश के बीच कुछ राज्यों में भारी उमस और गर्मी परेशान करेगी। अरुणाचल प्रदेश में 5 जुलाई को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहेगा। असम और मेघालय में 5 और 6 जुलाई को भीषण उमस और गर्मी की स्थिति बनी रहेगी।
समुद्र में चक्रवाती हवाओं की चेतावनी और मछुआरों को हिदायत
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 6 जुलाई की सुबह तक 45-55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ़्तार से चक्रवाती हवाएं चलेंगी। 6 जुलाई की शाम से यह घटकर 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) हो जाएगी जो 7 जुलाई की सुबह तक जारी रहेगी।
मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 5-6 जुलाई को 35-45 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। वहीं आंतरिक ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और झारखंड से सटे इलाकों में 5 जुलाई को 30-40 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी, जो 6 जुलाई से बढ़कर 35-45 किमी/घंटे (झोंके 55 किमी/घंटे) हो जाएंगी।
समुद्र की स्थिति और चेतावनी: अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर समंदर बेहद अशांत रहेगा। मछुआरों को सख्त सलाह दी गई है कि वे 7 जुलाई तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और संबंधित तटों पर तथा 5 और 6 जुलाई को मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में न जाएं।