Monsoon New Forecast: मानसून की बारिश को लेकर IMD ने बदला अपना अनुमान, राज्यवार जानिए कहां कितनी होगी बरसात

IMD Monsoon Forecast: अप्रैल के डरावने अनुमान के बाद अचानक मौसम के इस यू-टर्न के पीछे प्रशांत महासागर में हो रहे बड़े बदलाव हैं। अप्रैल के महीने में जिस 'एल नीनो' के सक्रिय होने के कारण सूखे का खतरा मंडरा रहा था, वह अब तेजी से कमजोर पड़ गया है

अपडेटेड May 29, 2026 पर 10:25 AM
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इस साल देश में मॉनसून का प्रदर्शन पहले के अनुमान से काफी बेहतर रहने वाला है

IMD Second Stage Monsoon Forecast 2026: देश के करोड़ों किसानों, आम जनता और अर्थव्यवस्था के लिए मौसम विभाग (IMD) की तरफ से एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज मॉनसून 2026 का दूसरा और अपडेटेड दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान 'सामान्य' बारिश होने की उम्मीद है।

यह नया अनुमान देश के लिए इसलिए भी बड़ी राहत लेकर आया है क्योंकि अप्रैल में जारी किए गए पहले पूर्वानुमान में आईएमडी ने 'सामान्य से कम' बारिश की आशंका जताई थी, जिसे अब अपडेट कर दिया गया है।

क्या है नया अनुमान?


मौसम विभाग के महानिदेशक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस साल देश में मॉनसून का प्रदर्शन पहले के अनुमान से काफी बेहतर रहने वाला है:

LPA का 101%: देश में जून से सितंबर के दौरान दीर्घावधि औसत (Long Period Average - LPA) की 101 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान की भाषा में 96 से 104 फीसदी के बीच की बारिश को 'सामान्य' माना जाता है।

संभावना का गणित: आईएमडी के मुताबिक, देश में इस बार सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की कुल संभावना 60 प्रतिशत से ज्यादा है। सिर्फ 10-15% ही ऐसी गुंजाइश है कि बारिश कम रह जाए।

एल नीनो हुआ कमजोर, 'ला नीना' कराएगा झमाझम बारिश

अप्रैल के डरावने अनुमान के बाद अचानक मौसम के इस यू-टर्न के पीछे प्रशांत महासागर में हो रहे बड़े बदलाव हैं। अप्रैल के महीने में जिस 'एल नीनो' (El Niño) के सक्रिय होने के कारण सूखे का खतरा मंडरा रहा था, वह अब तेजी से कमजोर पड़ गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगस्त और सितंबर के महीनों में 'ला नीना' (La Niña) की स्थितियां पूरी तरह अनुकूल और मजबूत हो रही हैं। भारत में जब भी ला नीना एक्टिव होता है, तो मॉनसून के दूसरे हिस्से (यानी अगस्त-सितंबर) में सामान्य से ज्यादा और भारी बारिश दर्ज की जाती है।

इसके साथ ही हिंद महासागर में 'पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल' बनने के संकेत हैं, जो बारिश को और ज्यादा रफ्तार देगा।

देश के किस हिस्से में कैसी होगी बारिश?

आईएमडी ने इस सेकंड स्टेज फोरकास्ट में देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए भी स्थिति साफ की है:

मध्य और दक्षिण भारत: देश के अधिकांश कृषि प्रधान राज्यों यानी मध्य भारत जैसे- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत: उत्तर-पश्चिम भारत पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी में बारिश सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत (North-East India) के कुछ हिस्सों में इस साल भी सामान्य से थोड़ी कम बारिश देखने को मिल सकती है।

मुख्य मॉनसून कोर जोन, जहां देश की सबसे ज्यादा खरीफ फसलों धान, दलहन, तिलहन की खेती होती है, वहां बारिश का डिस्ट्रीब्यूशन बेहद शानदार रहने की उम्मीद है।

केरल में दस्तक देने को तैयार मॉनसून

मॉनसून की ताजा लोकेशन की बात करें तो यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को पूरी तरह कवर करते हुए बंगाल की खाड़ी में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर यानी 1 जून के आसपास मॉनसून केरल के तट पर दस्तक दे देगा, जिसके बाद देश में चार महीने के वर्षा सत्र की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी।

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