क्या चीन के शिनजियांग रूट पर उड़ान भरेंगी भारतीय एयरलाइंस? जानिए क्या है होतान एयर रूट जिस पर चल रही है बात

India-China Flights: भारत पाकिस्तान के एयरस्पेस पर जारी प्रतिबंधों के कारण भारतीय एयरलाइंस को हो रही अतिरिक्त दूरी, समय और ईंधन लागत को कम करने के लिए वैकल्पिक हवाई मार्ग तलाश रहा है। सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने मंगलवार को बताया कि भारत और चीन के बीच चीन के शिनजियांग क्षेत्र के हॉटन के रास्ते वैकल्पिक एयर कॉरिडोर को लेकर बातचीत चल रही है

अपडेटेड Sep 30, 2026 पर 11:46 AM
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India-China Flights: पाकिस्तान के एयरस्पेस से बचने का भारत रास्ता तलाश रहा है

India-China Flights: भारत पाकिस्तान के एयरस्पेस से बचने के लिए चीन के रास्ते एक वैकल्पिक एयर कॉरिडोर की संभावना तलाश रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार (29 सितंबर) को कहा कि शिनजियांग के होतान के रास्ते एयर रूट को लेकर भारत और चीन के बीच बातचीत जारी है। नायडू ने पत्रकारों से कहा कि भारत दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। उन्होंने बताया कि होतान रूट को लेकर दोनों देशों के बीच चर्चा चल रही है। विदेश मंत्रालय इस मामले में चीन के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि, अभी तक किसी फाइनल रूट या मंजूरी पर सहमति नहीं बनी है।

होतान से होकर यूरोप तक पहुंचने का प्रस्ताव

CNBC-TV18 को सूत्रों ने बताया, "भारत और चीन करीब एक साल से वैकल्पिक एयर रूट की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। प्रस्ताव के तहत भारतीय एयरलाइंस को पश्चिम दिशा में जाने वाली उड़ानों के लिए चीन के शिनजियांग क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सकती है।"


रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और मुंबई से उड़ानें लेह की दिशा में जाकर होतान के पास चीनी एयरस्पेस में एंट्री कर सकती हैं। इसके बाद ये उड़ानें किर्गिस्तान की ओर बढ़ते हुए यूरोप, ब्रिटेन और उत्तरी अमेरिका के लिए पहले से मौजूद हवाई मार्गों से जुड़ सकती हैं।

पाकिस्तानी एयरस्पेस का बॉयकॉट!

इस समय उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत से पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली कुछ उड़ानें पाकिस्तान के एयरस्पेस से बचने के लिए L639 रूट का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे कई उड़ानों के समय में करीब दो घंटे तक की बढ़ोतरी हो रही है। प्रस्तावित चीनी रूट के लागू होने पर जॉर्जिया, बाकू, मध्य एशिया और उत्तरी यूरोप जाने वाली उड़ानों में महत्वपूर्ण बचत होने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि, इसके लिए भारत और चीन के बीच औपचारिक समझौते के साथ-साथ एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और अन्य ऑपरेशंस संबंधी व्यवस्थाओं पर सहमति जरूरी होगी।

पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से बढ़ी लागत

पाकिस्तान ने 23 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। इसके बाद प्रतिबंध को कई बार बढ़ाया गया। ताजा औपचारिक विस्तार के तहत यह प्रतिबंध 24 अक्टूबर 2026 तक जारी है। पाकिस्तानी एयरस्पेस के इस्तेमाल पर रोक के कारण भारत से यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली कई उड़ानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। कई सेक्टरों में उड़ान का समय 45 मिनट से लेकर दो घंटे तक बढ़ गया है। इसके चलते ईंधन की खपत और परिचालन लागत भी बढ़ी है।

इसका असर खास तौर पर एयर इंडिया पर पड़ा है, जिसकी दिल्ली और मुंबई से कई लंबी दूरी की पश्चिमी देशों की उड़ानें संचालित होती हैं। एयर इंडिया के पूर्व CEO कैंपबेल विल्सन ने 2025 में अनुमान लगाया था कि पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से एयरलाइन को करीब 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ऐसे में भारत अब चीनी एयरस्पेस के इस्तेमाल को एक वैकल्पिक कॉरिडोर के तौर पर देख रहा है, जिससे भारतीय विमानन कंपनियों पर पड़ रहे अतिरिक्त परिचालन बोझ को कम किया जा सके।

भारत की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर

नायडू की यह टिप्पणी 'Routes Asia 2027' के कर्टेन-रेजर कार्यक्रम के दौरान आई। भारत अगले साल 16 से 18 मार्च तक दिल्ली में इस तीन दिवसीय कार्यक्रम की मेजबानी करेगा। इस कार्यक्रम में 55 से ज्यादा देशों, 115 एयरलाइंस और करीब 2,500 आमने-सामने की कारोबारी बैठकों के होने की उम्मीद है। सरकार इसका इस्तेमाल भारत की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एयरलाइंस और विभिन्न देशों के साथ बातचीत के मंच के तौर पर करेगी।

नायडू ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। अब देश का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर भी तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बनने का है। इसके लिए बेहतर कनेक्टिविटी को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

66 एयरपोर्ट पर चल रहा विकास कार्य

नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि देश में इस समय 66 एयरपोर्ट विकास के विभिन्न चरणों में हैं। उनके मुताबिक, एयरपोर्ट नेटवर्क के विस्तार के बाद अब अगली प्राथमिकता बेहतर हवाई कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी से देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। भारत मैन्यूफैक्चरिंग और व्यापार संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ मुक्त व्यापार समझौतों का अधिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में कनेक्टिविटी की भूमिका महत्वपूर्ण है।

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नायडू के मुताबिक, पिछले 15 महीनों में 55 अंतरराष्ट्रीय हवाई रूट शुरू किए गए हैं। उन्होंने भारतीय एविएशन सेक्टर्स को बड़ा, अपेक्षाकृत युवा और तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बताया। Routes Asia 2027 के जरिए सरकार का लक्ष्य एयरलाइंस और दूसरे देशों के साथ बातचीत कर भारत की क्षेत्रीय और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी की संभावनाओं को और विस्तार देना है।

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