राजधानी पटना में रहने वाले लोगों को अगर बिहटा या कोईलवर जाना हो, तो अक्सर जाम और लंबी दूरी की परेशानी से गुजरना पड़ता है। उस दिशा में जाने का नाम सुनते ही लोग गहरी चिंता में चले जाते हैं। कोई न कोई बहाना ढूंढ़ने लग जाते हैं लेकिन आने वाले समय में इसी रूट पर लोग लॉन्ग ड्राइव पर जाएंगे। ऐसा इसीलिए, क्योंकि पटना के दीघा से कोईलवर तक जेपी गंगा पथ का विस्तार होने वाला है। अभी जो दूरी डेढ़ से दो घंटे में तय होती है, वही आने वाले समय में महज 30-35 मिनट में पूरा हो सकेगी। इस सड़क के विस्तार से पटना और पश्चिमी क्षेत्र के बीच मजबूत कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
पूरा पटना जिला हो जाएगा कवर
अब तक दीघा से दीदारगंज तक फैला जेपी गंगापथ पटना के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच आवागमन का एक अहम ऑप्शन बन चुका है। अब इसे पश्चिम दिशा में कोईलवर तक ले जाने की तैयारी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत दीघा से कोईलवर तक 35.65 किमी यानी लगभग 36 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जानी है। इसका निर्माण हैदराबाद की कंपनी विश्व समुद्रा करेगी।
दो हिस्सों में बनेगी सड़क, बांध पर भी सड़क
जेपी गंगापथ के इस विस्तार में सबसे खास बात इसकी बनावट होगी। पूरी सड़क को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत दीघा से शेरपुर तक करीब 18 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। इसके बाद शेरपुर से कोईलवर तक लगभग 18 किलोमीटर सड़क बांध पर बनेगी। इस तरह शहर से निकलने के बाद वाहनों को लंबे समय तक ट्रैफिक और संकरी सड़कों की समस्या से जूझने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सड़क दीघा जेपी सेतु से शुरू होकर दानापुर, शाहपुर, शेरपुर और बिहटा होते हुए कोईलवर के नए पुल से जुड़ेगी।
जेपी गंगापथ का विस्तार सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पटना की भविष्य की यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसके निर्माण पर 6495.78 करोड़ यानी करीब 6500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका निर्माण हाइब्रिड एनुइटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा। इस मॉडल में निर्माण एजेंसी और सरकार दोनों की वित्तीय भागीदारी होगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंचेगा पटना का रास्ता
इस परियोजना का असर केवल पटना और कोईलवर के बीच यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। इसके पूरा होने से राजधानी की पश्चिमी दिशा में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का रास्ता भी अधिक सुविधाजनक बन सकता है। इसके जरिए पटना से बक्सर और फिर उत्तर प्रदेश की ओर यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बक्सर के रास्ते गंगा नदी पार कर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंचने से अयोध्या और दिल्ली की दिशा में सफर भी आसान हो सकता है।
पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट