मानसून की बारिश ने उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर की सड़कों की सूरत बिगाड़ दी थी। कहीं सड़कें उखड़ गईं, तो कहीं बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। दोपहिया वाहन चालकों से लेकर कार सवारों तक को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ा। अब दीपावली से पहले इन सड़कों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। नगर निगम ने शहर के सभी छह जोनों में करीब 500 क्षतिग्रस्त सड़कों को चिह्नित कर मरम्मत, पैचवर्क और निर्माण का काम तेज कर दिया है। कोशिश है कि त्योहार से पहले अधिकतर सड़कें बेहतर हो जाएं, जिससे शहर की करीब 50 लाख आबादी को आवागमन में राहत मिल सके।
शास्त्री नगर, पांडु नगर, रायपुरवा, गोविंद नगर, कल्याणपुर, काकादेव, नवाबगंज, किदवई नगर, नौबस्ता, बर्रा, जूही और श्याम नगर समेत कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कें खराब हो गई थीं। गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम ने सभी जोनों से क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कराकर मरम्मत का काम शुरू कराया है।
दीपावली तक अधिकतर सड़कें सुधारने का लक्ष्य
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि शहर के सभी छह जोनों में सड़क निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है। जिन सड़कों पर ज्यादा नुकसान हुआ है, वहां जरूरत के अनुसार निर्माण कराया जा रहा है, जबकि जिन सड़कों पर छोटे गड्ढे हैं, वहां पैचवर्क के जरिए उन्हें ठीक किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए।
नगर आयुक्त के मुताबिक, नगर निगम की पूरी कोशिश है कि दीपावली तक शहर की अधिकतर क्षतिग्रस्त सड़कों को बेहतर स्थिति में लाया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से लगातार काम की प्रगति की जानकारी ली जा रही है। जिन इलाकों में सड़कें ज्यादा खराब हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जा रही है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
शास्त्री नगर से नौबस्ता तक सड़कों पर काम
शहर में सड़क सुधार अभियान के तहत कई प्रमुख इलाकों को शामिल किया गया है। शास्त्री नगर, रावतपुर, पांडु नगर, कल्याणपुर, विजय नगर, आवास विकास, गुमटी नंबर पांच, कोकाकोला चौराहा, मरियमपुर चौराहा, लाजपत नगर, किदवई नगर, लालबंग्ला, पीरोड, परेड, सिविल लाइंस, गोविंद नगर, बर्रा, गुजैनी, फजलगंज, पनकी और अर्मापुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण और मरम्मत के काम कराए जा रहे हैं।
नगर निगम का जोर उन सड़कों पर भी है, जहां बारिश के कारण डामर उखड़ गया है या बड़े गड्ढे बन गए हैं। इनकी मरम्मत से लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, कामकाजी लोगों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़कों का दुरुस्त होना जरूरी है। खराब सड़कों के कारण वाहनों की रफ्तार कम होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
सांसद ने भी उठाया था सड़कों की बदहाली का मुद्दा
शहर की खराब सड़कों को लेकर लोगों की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इस मुद्दे पर भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने भी नगर निगम के अधिकारियों से काम में तेजी लाने को कहा था। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने और लोगों को राहत दिलाने की जरूरत बताई थी। इसके बाद नगर निगम ने सड़क सुधार के काम में तेजी लाने पर जोर दिया।
शहरवासियों को उम्मीद है कि सड़कों की मरम्मत पूरी होने से दीपावली के दौरान आवागमन आसान होगा। हालांकि, काम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण समय से पूरा होने के साथ उसकी गुणवत्ता भी बनी रहे। जहां सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है, वहां केवल गड्ढे भरने के बजाय जरूरत के मुताबिक दोबारा निर्माण करना जरूरी होगा। अब निगाह इस बात पर है कि दीपावली तक नगर निगम करीब 500 सड़कों को दुरुस्त करने के अपने लक्ष्य को किस हद तक पूरा कर पाता है।
कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट