कानपुर के 42 पार्कों की बदलेगी सूरत! ओपन जिम, बच्चों के झूले और हरियाली से लैस होंगे पार्क

कानपुर नगर निगम ने शहर के छह जोन में 42 पार्कों को चिह्नित कर उनकी सूरत बदलने की तैयारी की है। नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारियों के साथ बैठक कर पार्कों की स्थिति सुधारने का फैसला लिया। इसके तहत ऐसे पार्कों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां लंबे समय से साफ-सफाई और रखरखाव की कमी है।

अपडेटेड Oct 21, 2026 पर 12:42 PM
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नगर निगम ने पहले चरण में छह जोन के 42 पार्कों को चिह्नित किया गया है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के बदहाल पार्कों में अब हरियाली की बहार नजर आएगी। इनमें बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाए जाएंगे। साथ ही, यहां बुजुर्ग और युवा खुले में व्यायाम भी कर सकेंगे। पार्कों में हरे-भरे पौधे लगाने के साथ ही उनकी दीवारों को दुरुस्त किया जाएगा। नगर निगम ने शहर के छह जोन में 42 पार्कों को चिह्नित कर उनकी सूरत बदलने की तैयारी की है। इस अभियान के तहत ऐसे पार्कों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां लंबे समय से साफ-सफाई और रखरखाव की कमी है। नगर निगम का उद्देश्य पार्कों को केवल खाली जगह से विकसित करके लोगों के घूमने, बैठने, खेलने और व्यायाम करने की बेहतर जगह बनाना है।

दरअसल, नगर निगम के अधिकारियों को शहर के कई पार्कों की बदहाली और उन पर अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। कई जगह पार्कों की जमीन पर कब्जे होने से लोगों को घूमने और बैठने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। वहीं, कुछ पार्कों में पेड़-पौधों की कमी है और चारों तरफ जंगली झाड़ियां उगी हुई हैं। साफ-सफाई नहीं होने से कई जगह धूल और कीचड़ की समस्या भी बनी रहती है। ऐसे में नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारियों के साथ बैठक कर पार्कों की स्थिति सुधारने का फैसला लिया। इसके बाद पहले चरण में छह जोन के 42 पार्कों को चिह्नित किया गया है।

ओपन जिम में कसरत करेंगे, झूलों पर खेलेंगे बच्चे

पार्कों के सुंदरीकरण के साथ ही उन्हें लोगों की जरूरत के हिसाब से विकसित करने की योजना है। यहां ओपन जिम लगाए जाएंगे, जिससे आसपास रहने वाले लोग बिना किसी शुल्क के खुले वातावरण में व्यायाम कर सकें। खासकर सुबह और शाम पार्कों में टहलने आने वाले लोगों को इसका फायदा मिलेगा। बच्चों के लिए झूले लगाए जाएंगे, जिससे उन्हें खेलने के लिए बेहतर जगह मिल सके। पार्कों की दीवारों को दुरुस्त करने के साथ ही पौधारोपण और हरियाली बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। नगर निगम की कोशिश है कि पार्कों में आने वाले लोगों को साफ-सुथरा और अच्छा वातावरण मिले।

पुराने पार्कों को भी मिलेगा नया रूप

इस योजना में ऐसे पार्कों को भी शामिल किया गया है, जिनसे आसपास की हजारों की आबादी लंबे समय से जुड़ी हुई है। इनमें लेनिन पार्क, शिवाजी पार्क, नक्षत्र वाटिका पार्क, पंडित हलधर बाजपेई पार्क, रामबाग पार्क, महुआ पार्क, डाकखाना पार्क, आर्यभट्ट पार्क, दुर्गा पार्क, गजानन पार्क, शाखा पार्क, लेबर कॉलोनी पार्क, बंबा देवी पार्क, शिवा पार्क, मानस पार्क, कैलाश नाथ खटिक पार्क, चिंताहरण महादेव पार्क और गायत्री पार्क समेत अन्य पार्क शामिल हैं। इन पार्कों का सुंदरीकरण और औद्यानिकीकरण कर उन्हें बेहतर बनाया जाएगा।


ग्रीनबेल्ट से भी बढ़ेगी शहर की खूबसूरती

नगर निगम की योजना केवल पार्कों तक सीमित नहीं है। पार्कों के आसपास की उपयुक्त खाली जगहों पर ग्रीनबेल्ट विकसित करने की भी तैयारी है। यहां हरे-भरे पौधे लगाए जाएंगे, जिससे आसपास का वातावरण बेहतर होने के साथ शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी। पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल और पार्कों के नियमित रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी होगा, ताकि कुछ समय बाद फिर से बदहाली की स्थिति न बने।

नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने इस काम को अभियान के रूप में लेने की बात कही है। नगर निगम का प्रयास है कि पार्कों में साफ-सफाई, हरियाली, बैठने और खेलने की सुविधाएं बेहतर हों। यदि योजना के मुताबिक काम पूरा होता है, तो शहरवासियों को अपने घरों के आसपास ही घूमने, बच्चों के साथ समय बिताने और सेहत संवारने के लिए बेहतर जगह मिल सकेगी।

कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट

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