सावन का महीना शुक्रवार से शुरू हो रहा है। इसी के साथ शुरू होगी Kanwar Yatra 2025। लाखों कांवड़िये हरिद्वार, गोमुख और गंगोत्री जैसे पवित्र स्थानों से जल भरकर निकल पड़ते हैं आसपास के शिव मंदिरों में गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए। इस महीने में लाखों की संख्या में कांवड़िये दिल्ली-एनसीआर से होते हुए शिव मंदिरों में जल चढ़ाने जाते हैं। इसलिए दिल्ली में कांवड़ लाने वालों का रूट और ट्रैफिक डायवजर्न के बारे में जानना जरूरी है।
हमारे देश में कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था का प्रतीक है और सावन की पहचान भी है। सावन में कांवड़िये अपनी कांवड़ में गंगाजल भरकर लाते हैं उससे शिवलिंग का जलाभिषेक करते, उसके बाद ही उनका व्रत पूरा माना जाता है। इस साल कांवड़ यात्रा कल यानी 11 जुलाई से शुरू हो रही है। इसके साथ ही लोगों को जगह-जगह लगने वाले जाम का डर सताने लगा है। कांवड़ यात्रा से सबसे ज्यादा वजीराबाद रोड, जीटी रोड, लोनी रोड, एनएच 24, रोड नंबर 56, कालिंदी कुंज रोड, मथुरा रोड, रिंग रोड, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, रानी झांसी रोड, रिज रोड, धौला कुआं एनएच 8 प्रभावित होता है, क्योंकि कांवड़िये इन रास्तों से होकर गुजरते हैं।
इस बार राहगीरों और कांवड़ियों को ट्रैफिक की परेशानियों से बचाने के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले से ही कमर कस ली है और ट्रैफिक डायवर्जन का फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि हरिद्वार से रोज लाखों कांवड़िये कांवड़ लेकर दिल्ली पहुंचेंगे। इनमें से कई आगे हरियाणा और राजस्थान जायेंगे और 2 अगस्त को सावन की शिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे।
इस बार 15-20 लाख कांवड़ियों के पहुंचने का अनुमान
इस बार दिल्ली पुलिस 15-20 लाख कांवड़ियों के गंगाजल लेकर दिल्ली पहुंचने का अनुमान लगा रही है। कांवड़ियों के विश्राम और भोजन के लिए दिल्ली में जगह-जगह कांवड़ कैंप भी लगाए गए हैं। साथ ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कुछ रूटों की पहचान की है, जहां से कांवड़िये आगे जाएंगे। कांवड़िये दिल्ली से लगी यूपी की अलग-अलग सीमाओं से राजधानी में प्रवेश करेंगे और विभिन्न रास्तों से होकर गुजरेंगे।
दिल्ली में महाराजपुर बॉर्डर या गाजीपुर बॉर्डर से दाखिल होने वाले कांवड़िये रोड नंबर 56, गाजीपुर गोल चक्कर एनएच-24, रिंग रोड और मथुरा रोड से होते हुए बदरपुर बॉर्डर के रास्ते हरियाणा जाएंगे। नोएडा से आ रहे कांवड़िए भी कालिंदी कुंड से मथुरा रोड के रास्ते बदरपुर बॉर्डर होते हुए जाएंगे। कई कांवड़िए रिंग रोड पर आईएसबीटी से मजनूं का टीला, मुकरबा चौक और एनएच-1 होते हुए सिंघु बॉर्डर या टिकरी बॉर्डर की तरफ जाएंगे और वहां से आगे हरियाणा में प्रवेश करेंगे।
कांवड़ यात्रा का सबसे ज्यादा असर वजीराबाद रोड, जीटी रोड, लोनी रोड, एनएच-24, रोड नंबर 56, कालिंदी कुंज रोड, मथुरा रोड, रिंग रोड, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, रानी झांसी रोड, रिज रोड, धौला कुआं और एनएच-8 पर दिखाई देगा। उदाहरण के लिए, अप्सरा बॉर्डर से दिल्ली प्रवेश करने वाले कांवड़िए शाहदरा फ्लाईओवर, सीलमपुर टी-पॉइंट, आईएसबीटी फ्लाईओवर, बुलवर्ड रोड, रानी झांसी रोड, अपर रिज रोड, धौला कुआं और एनएच-8 से होते हुए रजोकरी बॉर्डर के रास्ते हरियाणा में प्रवेश करेंगे।
इन रास्तों से होगा एंट्री-एग्जिट
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि दिल्ली में कांवड़िए अप्सरा बॉर्डर, भोपुरा बॉर्डर, लोनी बॉर्डर, महाराजपुर बॉर्डर, कालिंदी कुंज बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर की तरफ से आएंगे। हरियाणा और राजस्थान जाने के लिए कांवड़िये हरियाणा की सीमा से लगते विभिन्न रास्तों होते हुए दिल्ली से बाहर निकलेंगे, जिससे रजोकरी बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर पर भी ट्रैफिक प्रभावित होगा। कांवड़ियों के रूट वाले सभी रास्तों पर कई बड़े कांवड़ कैंप भी लगाए जाएंगे।
दिल्ली में यहां होगी दिक्कत
कांवड़ यात्रा की वजह से दिल्ली में कई जगहों पर जाम लगने की दिक्कत होगी। इसलिए उन क्षेत्रों के बारे में पहले से जान लेना जरूरी है, जहां कांवड़ यात्रा की वजह से ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। दिल्ली के अंदर नांगलोई-नजफगढ़ रोड, फिरनी रोड, जखीरा, रोहतक रोड, मादीपुर, पीरागढ़ी, नांगलोई, मधुबन चौक, मुकरबा चौक, केशोपुर मंडी, जनकपुरी, पंखा रोड, देवप्रकाश शास्त्री मार्ग, गीता कॉलोनी पुश्ता रोड, सलीमगढ़ बाईपास, इंद्रलोक, रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, बर्फ खाना चौक, बुलवर्ड रोड, आजाद मार्केट, गोकुलपुरी फ्लाईओवर, 66 फुटा रोड, मौजपुर चौक, सीलमपुर मेट्रो स्टेशन, वेलकम, शाहदरा समेत कई जगहों पर दिक्कत हो सकती है।