लद्दाख में अवैध 'ऑफ-रोडिंग' पर सख्ती! पर्यटकों पर लगा ₹2 लाख का जुर्माना, आप न करें ये गलती

Ladakh News: लद्दाख प्रशासन ने पहली बार चार पर्यटकों पर कुल ₹2 लाख का जुर्माना लगाया है। प्रत्येक वाहन मालिक पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया है। ये पर्यटक Pangong Lake और अन्य संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में अवैध रूप से ऑफ-रोड ड्राइविंग करते पाए गए

अपडेटेड Jun 29, 2026 पर 12:14 PM
Ladakh News: लद्दाख में अवैध 'ऑफ-रोडिंग' पर पहली बार सख्ती दिखाई गई है

Ladakh News: कानून लागू करने की अपनी तरह की पहली मुहिम में लद्दाख प्रशासन ने पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध 'ऑफ-रोडिंग' (सड़क से हटकर वाहन चलाने) पर कड़ा रुख अपनाया है। लद्दाख प्रशासन ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए चार पर्यटकों पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पैंगोंग झील और अन्य संरक्षित वन्यजीव आवासों में पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के उद्देश्य से की गई यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है, जब उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने पर्यटकों से लद्दाख यात्रा के दौरान जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन की अपील की है।

अधिकारियों ने बताया कि 26 जून को लद्दाख के वन्यजीव विभाग ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले चार वाहनों पर 50,000 रुपये प्रति वाहन का जुर्माना लगाया। उन्होंने बताया कि नियम तोड़ने वाले वाहनों के मालिक हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों में चांगथांग और नुब्रा में पैंगोंग झील और अन्य संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में गैर-कानूनी तरीके से कारें ले जाने के लिए उन पर जुर्माना लगाया गया।

अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र और लुप्तप्राय वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हालांकि हाल के समय में लद्दाख में इस तरह की गैर-कानूनी 'ऑफ-रोडिंग' और स्टंट के मामले बढ़े हैं, लेकिन यह पहली बार है जब ऐसे मामले में इतना अधिक जुर्माना लगाया गया है।


अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों में पूरी जांच-पड़ताल के बाद चारों वाहनों को जब्त कर लिया गया था और जुर्माना भरने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। उपराज्यपाल सक्सेना ने दोहराया कि लद्दाख देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का गर्मजोशी से स्वागत करता है। लेकिन पर्यटकों को जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति जागरूक होना चाहिए।

कार्रवाई क्यों हुई?

पर्यटक अपनी गाड़ियों को झील, नालों और संरक्षित वन्यजीव आवासों में ले जा रहे थे, जिससे:

नाज़ुक पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) को नुकसान पहुँचता है।

संकटग्रस्त वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होता है।

पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता और संरक्षण पर असर पड़ता है।

किन क्षेत्रों में उल्लंघन हुआ?

प्रशासन की चेतावनी

उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने पर्यटकों से अपील की है कि वे संरक्षित क्षेत्रों में वाहन न चलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि Wildlife (Protection) Act, 1972 के तहत संरक्षित क्षेत्रों में ऑफ-रोड ड्राइविंग दंडनीय अपराध है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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यदि आप लद्दाख घूमने की योजना बना रहे हैं, तो हमेशा निर्धारित सड़कों पर ही वाहन चलाएं। साथ ही झीलों, नदी-नालों तथा संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में एंट्री करने से बचें। इससे न केवल जुर्माने से बचेंगे। बल्कि लद्दाख के संवेदनशील पर्यावरण की भी रक्षा होगी।

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