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चलती कार से वर्चुअल सुनवाई में पेश हुए वकील पर एक लाख रुपये का जुर्माना, दिल्ली HC ने कहा- कोर्ट की गरिमा से समझौता नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान चलती कार से पेश होने वाले एक अधिवक्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दरअसल इस मामले में जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने कहा कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा अदालत की गरिमा और न्यायिक कार्यवाही के सुचारू संचालन की कीमत पर नहीं हो सकती।

shankar anandअपडेटेड Sep 29, 2026 पर 5:03 PM
चलती कार से वर्चुअल सुनवाई में पेश हुए वकील पर एक लाख रुपये का जुर्माना, दिल्ली HC ने कहा- कोर्ट की गरिमा से समझौता नहीं
दिल्ली हाई कोर्ट ने चलती कार से वर्चुअल सुनवाई में पेश हुए वकील पर लगाया एक लाख रुपये का जुर्माना

दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान चलती कार से पेश होने वाले एक अधिवक्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दरअसल इस मामले में जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने कहा कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा अदालत की गरिमा और न्यायिक कार्यवाही के सुचारू संचालन की कीमत पर नहीं हो सकती। इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि, जब हाईकोर्ट को एक दिन में 70 से ज्यादा मामलों की सुनवाई करनी होती है, तब सुनवाई के दौरान बैकग्राउंड में आने वाला शोर और लगातार होने वाली आवाजाही न्यायिक कार्यवाही में बाधा डालती है।

वर्चुअल सुनवाई के दौरान भी कोर्ट के अनुशासन का पालन जरूरी

हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court ) Electronic Evidence and Video Conferencing Rules, 2025 में भी यह प्रावधान है कि अधिवक्ताओं को वाहनों से वर्चुअल कार्यवाही में शामिल नहीं होने का प्रयास करना चाहिए। केवल असाधारण परिस्थितियों में और अदालत की अनुमति से वाहन से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति हो सकती है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रक्रियात्मक नियम नहीं है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वर्चुअल माध्यम से पेश होने वाले वकील भी ऐसे वातावरण से अदालत के सामने उपस्थित हों, जो न्यायिक कार्यवाही के उचित संचालन के अनुकूल हो।

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