Mayawati attack on Akash Anand: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी से निकाले गए अपने भतीजे आकाश आनंद के बारे में एक चौंकाने वाला दावा किया है। मायावती ने कहा कि पार्टी से निकाले गए लोगों ने उनकी सेहत को लेकर फर्जी अफवाहें फैलाईं और दावा किया कि वह गंभीर रूप से बीमार हैं। मायावती ने हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए अपने भतीजे आकाश आनंद पर रविवार (13 सितंबर) को आरोप लगाया कि वह अब भी अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के बहकावे में आकर काम कर रहे हैं। मायावती ने कहा कि ऐसा लगता है कि आकाश अब भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं।
आकाश आनंद ने रात में किया फोन
रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत में BSP प्रमुख मायावती ने कहा, "बसपा से निकले गए लोगों ने पिछले एक-दो दिनों में पार्टी के कार्यकर्ताओं में यह भ्रम फैलाया है कि बहन जी (मायावती) काफी बीमार हैं। इसीलिए वह मीडिया में न आकर बड़े-बड़े मामलों के बारे में भी सीधे ट्वीट के जरिए ही लोगों को जानकारी दे रही हैं।" उन्होंने कहा कि आकाश ने BSP प्रभारी आलोक कुमार को शनिवार रात लगभग 10 बजे फोन कर पूछा कि क्या बहन जी बीमार हैं?
'फोन के बारे में मायावती को न बताएं'
मायावती ने कहा कि इस पर आलोक कुमार ने आकाश को बताया कि BSP प्रमुख बिल्कुल ठीक हैं। वह अपने काम में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि आकाश ने कुमार से कहा कि वह उनके फोन करने के बारे में मायावती को न बताएं। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "यह भी काफी गंभीरता से सोचने की बात है। इस मामले में आकाश की मंशा सही भी हो सकती है और गलत भी। लेकिन ऐसा लगता है कि आकाश अब भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहा है, बल्कि (अपने ससुर) अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से ही काम कर रहा है।"
अफवाहों को लेकर किया आगाह
मायावती ने BSP कार्यकर्ताओं को भी अफवाहों के प्रति सचेत किया। बसपा प्रमुख ने गत तीन सितंबर को आकाश को पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से निष्कासित भी कर दिया था। हालांकि, मायावती ने यह भी दावा किया कि उन्होंने हाल ही में जो भी कड़े फैसले लिए हैं, उनसे पार्टी और बहुजन आंदोलन को नुकसान के बजाय काफी फायदा ही हो रहा है।
इससे डॉ. भीमराव आंबेडकर और BSP के संस्थापक कांशीराम का अधूरा रहा कारवां 'काफी तेजी' से गति भी पकड़ रहा है। मायावती ने इस दौरान मानदेय बढ़ाने और संविदा के बजाय पक्की नौकरी देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में जारी 58 हजार पंचायत सहायकों के आंदोलन का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे तो बेहतर होगा।
आगामी चुनाव को लेकर खुद एक्टिव हुईं मायावती
BSP प्रमुख ने तीन सितंबर को लखनऊ में हुई बहुजन समाज पार्टी की अखिल भारतीय बैठक में लिए गए निर्णयों का जिक्र करते हुए बताया कि पार्टी से जुड़े कार्यों को युद्ध स्तर पर गति देने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर BSP को तीन सेक्टर में बांटा गया है। इसके तहत सेक्टर एक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को शामिल किया गया है। वह खुद सीधे तौर पर इसके कार्यों की निगरानी कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश के बाकी राज्यों में जहां पार्टी का संगठन है, उन्हें दो सेक्टर में बांटकर पार्टी के वरिष्ठ तथा जिम्मेदार लोगों को अलग से केंद्रीय सेक्टर प्रभारी भी बना दिया गया है। इनके कार्यों की रिपोर्ट वह पहले की ही तरह बीच-बीच में लखनऊ में भी लेती रहेंगी।
मायावती ने बताया कि पार्टी में मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद अब समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब सेक्टरों के केंद्रीय प्रभारियों के कार्यों की सीधी रिपोर्ट बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार पार्टी प्रमुख को सौंपेंगे। आनंद कुमार मायावती के भाई और आकाश आनंद के पिता हैं।