Mumbai 3.0 Blueprint: मुंबई महानगर क्षेत्र के विस्तार और आर्थिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना आकार ले रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने NW18 राइजिंग भारत वेस्ट एडिशन कार्यक्रम के दौरान मुंबई 3.0 का विस्तृत खाका पेश किया है। अटल सेतु (ट्रांस-हार्बर लिंक) और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के नवी मुंबई एयरपोर्ट इन्फ्लुएंस नोटिफाइड एरिया (NAINA) को केंद्र में रखकर नया महानगर विकसित हो रहा है मुंबई 3.0 कहा जा रहा है।
विशेष शहरों का क्लस्टर होगी मुंबई 3.0
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मुंबई 3.0 कोई पारंपरिक शहरी विस्तार नहीं होगा बल्कि इसे विशिष्ट क्षेत्रों से जुड़े थीमैटिक शहरों के क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम मुंबई 3.0 के रूप में एक बिल्कुल नया और अधिक सुनियोजित शहर बना रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नया बुनियादी ढांचा इस क्षेत्र में एक नए आर्थिक तंत्र की नींव रख रहा है। नाइना (NAINA) क्षेत्र मुंबई के एक बेहतर और नियोजित शहरी विस्तार के रूप में उभरेगा। इसे खासकर रोजगार सृजन और बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
मुंबई एमएमआरडीए है नोडल एजेंसी, एलएंडटी को मिला इंफ्रास्ट्रक्चर का ठेका
मुंबई 3.0 के विकास कार्यों की देखरेख के लिए मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस नए शहर में बुनियादी ढांचे के विकास को रफ्तार देने के लिए हाल ही में इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज एलएंडटी (L&T) को आगामी शहर के एक पैकेज में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का ठेका दिया गया है।
12-15 विदेशी यूनिवर्सिटीज और 1 लाख छात्रों के लिए बनेगी एडु सिटी
मुंबई 3.0 योजना का एक प्रमुख आकर्षण एडु सिटी (Edu City) यानी एजुकेशन हब है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों और विदेशी विश्वविद्यालयों को स्थापित किया जाएगा। एडु सिटी में 12 से 15 विदेशी यूनिवर्सिटीज स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें से 7 से 8 विश्वविद्यालयों ने अपना काम भी शुरू कर दिया है। इस शिक्षा केंद्र में लगभग एक लाख छात्रों के रहने और पढ़ाई करने की क्षमता होगी। इससे व्यापक शैक्षणिक बुनियादी ढांचे और सहायक सेवाओं की मांग पैदा होगी।
मेडिसिटी, इनोवेशन सिटी और जीसीसी हब का पूरा खाका
मुंबई 3.0 में शिक्षा के अलावा अन्य क्षेत्रों के लिए भी डेडिकेटेड विशेष शहर विकसित किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार दुनिया के कुछ प्रमुख और विश्वस्तरीय अस्पतालों को यहां तैयार हो रही मेडिसिटी में लाने की योजना बना रही है। यह हेल्थकेयर हब नए शहरी केंद्र में चिकित्सा बुनियादी ढांचे और संबंधित आर्थिक गतिविधियों को मजबूती देगा। इसके अलावा इनोवेशन सिटी का प्लान है। यह हब पूरी तरह से डीप टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में निवेश पर केंद्रित होगा।
बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार को भुनाने के लिए एक अलग जीसीसी हब बनाया जाएगा। आपको बता दें कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां तकनीक, रिसर्च, एनालिटिक्स और अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए जीसीसी का इस्तेमाल करती हैं।
उच्च वेतन वाले पेशेवर रोजगार और नए आर्थिक तंत्र का निर्माण
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन सभी स्पेशलाइज्ड हब के एक साथ आने से उच्च वेतन वाली पेशेवर भूमिकाओं से लेकर मध्यवर्ती स्तर की नौकरियों तक, हर कौशल स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रोजेक्ट के महत्व को अंडरलाइन करते हुए सीएम ने कहा कि जब एक नया शहर बनता है, तो एक नई आर्थिक प्रणाली का विकास होता है। उन्होंने मुंबई 3.0 को शहरी विकास की एक ऐसी पहल बताया, जो भारत में लंबे समय से नहीं देखी गई है।
अटल सेतु ने मुंबई और नवी मुंबई के मुख्य भूमि क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहद आसान बना दिया है, जबकि नया हवाई अड्डा क्षेत्र की विमानन आधारित आर्थिक क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। सरकार का लक्ष्य इन्हीं ट्रांसपोर्ट और एविएशन लिंक्स का इस्तेमाल करके शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और बहुराष्ट्रीय व्यावसायिक संचालन को विकास का मुख्य जरिया बनाना है।