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NCERT language teaching: टीचरों को भाषाएं सिखाने के लिए एनसीईआरटी तैयार करेगा नया कोर्स, भारतीय और विदेशी भाषाएं हो सकती हैं शामिल

NCERT language teaching: एनसीईआरटी भाषाएं पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए नए कोर्स तैयार करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत कई क्षेत्रीय और भारतीय भाषाएं शामिल की जा सकती हैं। एनसीईआरटी एनईपी 2020 के तहत मल्टीलिंगुअल एजुकेशन के एक मॉडल पर काम कर रहा है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 19, 2026 पर 4:16 PM
NCERT language teaching: टीचरों को भाषाएं सिखाने के लिए एनसीईआरटी तैयार करेगा नया कोर्स, भारतीय और विदेशी भाषाएं हो सकती हैं शामिल
भारत में जल्द ही भाषा सिखाने का एक नया मॉडल देखने को मिल सकता है।

NCERT language teaching: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) भारत में विभिन्न भाषाएं सिखाने वाले शिक्षकों के लिए एक नया कोर्स तैयार कर रहा है। भारत में जल्द ही भाषा सिखाने का एक नया मॉडल देखने को मिल सकता है। यह बहु-भाषा शिक्षा कार्यक्रम है, जिसके तहत शिक्षकों को एक से अधिक भाषाएं सिखाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कन्फर्म किया है कि NCERT, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 फ्रेमवर्क के तहत बहु-भाषा शिक्षा के एक मॉडल पर काम कर रहा है। यह प्रस्ताव काउंसिल के एकेडमिक एक्सपेंशन का हिस्सा है, जिसके बाद इसे एक इंस्टीट्यूशन डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी में बदल दिया जाएगा। न्यूज 18 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित पहल के केंद्र में मल्टीलिंगुअल एजुकेशन में मास्टर प्रोग्राम है। इससे एप्लाइड लिंग्विस्टिक्स और मल्टीलिंगुअल पेडागॉजी में विशेषज्ञता रखने वाले शिक्षकों के एक नए कैडर को ट्रेनिंग मिलने की उम्मीद है। पारंपरिक व्यवस्था में जहां भाषा शिक्षकों को आमतौर पर एक खास भाषा सिखाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं प्रस्तावित मॉडल शिक्षकों को कई भाषाएं सिखाने के लिए तैयार करना चाहता है।

अभी विकास के चरण में है प्रपोजल 

इनमें क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं का संयोग शामिल हो सकता है। इसका मकसद स्कूलों को हर भाषा के लिए अलग टीचर हायर किए बिना अपनी सिखाई जाने वाली भाषाओं के दायरे को बढ़ाने में मदद करना है। हालांकि, प्रपोजल अभी विकास के चरण में है। योजना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एक टीचर को कितनी भाषाएं सिखाने की ट्रेनिंग दी जा सकती है और हर भाषा में कितनी जानकारी चाहिए, जैसे विवरणों पर NCERT और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी अभी काम कर रहे हैं।

प्रस्तावित मॉडल कैसे काम करेगा?

प्रस्तावित मॉडल का मकसद सिर्फ उन टीचरों को ट्रेनिंग देना नहीं है जो कई भाषाएं बोल सकते हैं। इसके बजाय, यह इस बात पर फोकस करेगा कि क्या एजुकेटर्स के पास क्लासरूम में उन भाषाओं को असरदार तरीके से पढ़ाने के लिए जरूरी एकेडमिक जानकारी और टीचिंग स्किल्स हैं।

NCERT क्यों बना रहा है एक नया मॉडल?

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