NEET UG 2026 Success Story: सफलता यह देख कर नहीं आती कि कौन कितना संसाधन संपन्न है। यही वजह है कि सही मेहनत और नीयत सफलता की चाबी है। कई बार पहली कोशिश में असफलता से हार न मानने वाले दूसरी कोशिश में जीत हासिल कर लेते हैं। ऐसा ही कुछ प्रभात कुमार यादव के साथ भी हुआ। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) अंडरग्रेजुएट परीक्षा में पहली बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हथियार नहीं डाले। उन्हानें दूसरे साल फिर पूरी तैयारी के साथ नीट यूजी परीक्षा दी और सफलता दर्ज की।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर के देवकीपुर गांव के रहने वाले प्रभात को नीट यूजी 2026 में प्रदर्शन के आधार पर लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा की पढ़ाई के लिए प्रवेश मिल गया है। नीट यूजी 2026 परीक्षा में प्रभात ने 627 अंक हासिल किए और उनकी ऑल इंडिया रैंक 3,864 रही। यह कामयाबी तैयारी के एक लंबे समय के बाद मिली है, जिसमें वह अपने गांव से कोटा गए थे।
दूसरे मौके ने रिजल्ट बदल दिया
प्रभात का पहला नीट यूजी का प्रयास 504 अंकों के साथ थम गया था। इसके बाद उन्होंने कोटा में और रुकने के बजाए एक साल ड्रॉप कर परीक्षा की दोबारा तैयारी करने का फैसला किया। अपने दूसरे प्रयास में, उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और आखिरकार नीट यूजी 2026 में अपना स्कोर 627 मार्क्स तक बढ़ाया।
10वीं में स्कोर किए थे 89.44% अंक
कोटा में फीस में मिली 50% की छूट
प्रभात ने क्लासरूम कोचिंग के लिए कोटा जाने से पहले अपने गांव में नीट की तैयारी शुरू की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें ALLEN करियर इंस्टीट्यूट से फीस में 50% की छूट मिली, लेकिन बाकी पैसे का इंतजाम करना उनके परिवार के लिए अब भी एक चुनौती थी। इस दौरान, उनके मामा, दयाराम यादव ने उनकी पढ़ाई में मदद की और उनकी तैयारी जारी रखने में मदद की। उस मदद से, प्रभात अपनी पढ़ाई पर फोकस कर पाए और डॉक्टर बनने के अपने लक्ष्य की ओर काम करते रहे।
मुंबई में ऑटो चलाते हैं पिता महेंद्र
प्रभात के पिता, महेंद्र कुमार यादव मुंबई में लगभग 20 साल ऑटो-रिक्शा ड्राइवर के तौर पर काम किया है। वहां काम करते हुए, महेंद्र अपनी कमाई अपने परिवार को भेजते रहे। वह मुंबई में एक छोटी सी चॉल में रहते थे, जबकि प्रभात अपनी मां बंसराजी, दादा इंद्र बहादुर यादव और भाई-बहनों के साथ देवकीपुर में रहते थे। उनके काम से होने वाली इनकम से परिवार की जरूरतें पूरी होती थीं और उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च चलता था।
पोते के सलेक्शन पर थिरके दादा
बेटे के केजीएमयू में प्रवेश की खबर मिलते ही पिता महेंद्र कुमार यादव भावुक हो गए। वहीं, प्रभात के दादा भी पोते की सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं। एक वायरल वीडियो में वह डांस करके जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रभात ने अपनी सफलता के जरिए अपने पिता की मेहनत और त्याग को सम्मान दिया है।