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पटना में दीघा से कंगन घाट तक दौड़ेगी वॉटर मेट्रो, ₹12 करोड़ के आधुनिक जहाज और वर्ल्ड क्लास टर्मिनल की पूरी डिटेल

पटना में प्रस्तावित वॉटर मेट्रो परियोजना के तहत दीघा पर्यटन घाट से एनआईटी घाट, गायघाट होते हुए कंगन घाट तक वॉटर मेट्रो चलाने की योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य गंगा नदी का इस्तेमाल शहर की परिवहन व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में करना है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 16, 2026 पर 12:27 PM
पटना में दीघा से कंगन घाट तक दौड़ेगी वॉटर मेट्रो, ₹12 करोड़ के आधुनिक जहाज और वर्ल्ड क्लास टर्मिनल की पूरी डिटेल
गाय घाट पर लगा एमवी गोमधरकुंवर जहाज बैटरी और हाइब्रिड मोड में संचालित हो सकेगा।

बिहार की राजधानी पटना में अब तक लोग मेट्रो ट्रेन से सफर करने का आनंद ले रहे हैं। इसके बाद, आने वाले दिनों में गंगा की लहरों पर आधुनिक जहाज से यात्रा करने का उनका सपना भी साकार हो सकता है। कल्पना कीजिए, सड़क पर जाम की लंबी कतारों से दूर आप एसी की ठंडी हवा और आरामदायक सीटों के बीच गंगा के खूबसूरत नजारों का आनंद लेते हुए एक घाट से दूसरे घाट तक पहुंच रहे हों। पटना में प्रस्तावित वॉटर मेट्रो परियोजना इसी तस्वीर को हकीकत में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस परियोजना के तहत दीघा पर्यटन घाट से एनआईटी घाट, गायघाट होते हुए कंगन घाट तक वॉटर मेट्रो चलाने की योजना है। हालांकि, परियोजना को लेकर तैयारियां और घोषणाएं सामने आने के बावजूद नियमित सेवा शुरू होने की निश्चित तारीख का इंतजार पिछले एक साल से लोग कर रहे हैं।

सितंबर 2025 में हुआ था समझौता

पटना में वॉटर मेट्रो सेवा शुरू करने की दिशा में 19 सितंबर 2025 को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया था। गुजरात के भावनगर में बिहार सरकार के पर्यटन विभाग और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद गंगा नदी में आधुनिक यात्री जहाजों के परिचालन की योजना को लेकर उम्मीदें बढ़ गई थी।

इस परियोजना का उद्देश्य गंगा नदी का इस्तेमाल केवल पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय शहर की परिवहन व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में करना है। योजना के तहत इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड तकनीक से चलने वाले जहाजों के जरिए यात्रियों को एक घाट से दूसरे घाट तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जानी है।

बैटरी से चलेंगे जहाज, एक साथ करीब 100 यात्री कर सकेंगे सफर

पटना की प्रस्तावित वॉटर मेट्रो की सबसे बड़ी खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाले आधुनिक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड जहाज होंगे। एमवी गोमधरकुंवर जहाज गाय घाट पर लगा हुआ है। इन जहाजों को इस तरह तैयार किया गया है कि वे बैटरी और हाइब्रिड मोड में संचालित हो सकें। इनकी क्षमता लगभग 75 यात्रियों की बताई गई है। इसकी लंबाई करीब 42 मीटर है। यह 27 सितंबर 2025 को ही पटना पहुंचा था। इस जहाज की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये है।

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