Vande Bharat Sleeper: दिल्ली और वाराणसी के बीच स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने को लेकर बड़ी खबर आ रही है। देश की दूसरी दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर रेलवे में तैयारियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली से पहले शुरू करने की योजना बनाई गई है। लेकिन अंतिम फैसला ट्रायल और जरूरी मंजूरियों के बाद ही लिया जाएगा। ये ट्रेन प्रयागराज और कानपुर के रास्ते चलेगी। इस ट्रेन के शुरू होने के बाद से यात्रियों को रात में आराम से सफर करने का ऑप्शन मिलेगा। ये देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत सेवा होगी, इससे पहले हावड़ा-कामाख्या रूट पर ऐसी ट्रेन शुरू की जा चुकी है। आइए जानते हैं कब और कितने बजे से शुरु होगी ये स्लीपर वंदे भारत
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को हरी झंडी दिखा सकते हैं। इसके चलने की अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है और पीएमओ की मंजूरी के बाद ही इसकी आधिकारिक घोषणा होगी। वहीं इसके साथ शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है।
ट्रेन के शेड्यूल में हुआ बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, नए प्रस्तावित टाइमिंग के मुताबिक, वाराणसी से यह ट्रेन रात 8:40 बजे चलेगी और करीब 8 घंटे 10 मिनट में सुबह 4:50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। रास्ते में ट्रेन प्रयागराज और कानपुर पर रुकेगी। वहीं, नई दिल्ली से वापसी की यात्रा रात 11:25 बजे शुरू होगी और ट्रेन कानपुर व प्रयागराज होते हुए सुबह 7:35 बजे वाराणसी पहुंचेगी। पहले ट्रेन प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, पुरानी योजना के मुताबिक ट्रेन वाराणसी से रात 9:20 बजे रवाना होकर प्रयागराज और कानपुर के रास्ते सुबह 5 बजे नई दिल्ली पहुंचती। वापसी में भी नई दिल्ली से रात 9:20 बजे चलकर ट्रेन सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंचने का प्रस्ताव था।
करीब 8 घंटे में पूरी होगी यात्रा
करीब 8 घंटे 10 मिनट की इस यात्रा में यात्रियों के लिए कुल 823 बर्थ उपलब्ध होंगी। ट्रेन में 11 थर्ड एसी, 4 सेकेंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच होगा। शुरुआत में ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी, जिसे बाद में बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने की योजना है। स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों की लंबी यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। ट्रेन में KAVACH सुरक्षा प्रणाली के साथ आग से बचाव के लिए खास दरवाजे, ऑटोमैटिक प्लग दरवाजे और निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए।