बिहार का सबसे बड़ा और पुराना चिकित्सा संस्थान पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) अब आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई तस्वीर पेश करने की ओर बढ़ रहा है। अस्पताल के पुनर्विकास की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पुनर्विकास योजना के फेज-1 के तहत नवनिर्मित टावर 3 का उद्घाटन किया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन के शुरू होने से मरीजों को इलाज, जांच और अन्य चिकित्सा सेवाओं के लिए अलग-अलग भवनों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही भवन में सभी काम हो जाएंगे। PMCH को विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना के तहत नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य अस्पताल की क्षमता बढ़ाने के साथ मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मॉल जैसी सुविधाएं, आधुनिक इलाज और बेहतर व्यवस्था
टावर-3 की सबसे खास बात यहां उपलब्ध कराई गई आधुनिक सुविधाएं हैं। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भवन में एस्कलेटर, आधुनिक वेटिंग लाउंज और वातानुकूलित वार्ड जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। भवन में एसी बेड वाला सर्जिकल वार्ड, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और आधुनिक चिकित्सा इकाइयां विकसित की गई हैं। छत पर एयर एंबुलेंस के लिए हेलीपैड की व्यवस्था भी की गई है। अस्पताल परिसर तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने के लिए अशोक राजपथ के डबल डेकर पुल को मल्टीलेवल पार्किंग से जोड़ा गया है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है साथ ही जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
एक ही भवन में ओपीडी और गंभीर मरीजों का इलाज
टावर-3 के पांचवें तल पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा यहां प्रतीक्षालय, स्त्री रोग एवं प्रसूति आईसीयू, नर्स स्टेशन, चिकित्सा कक्ष, उपचार कक्ष और प्रसवोत्तर वार्ड की भी व्यवस्था है। वहीं, छठे तल पर मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) बनाया गया है। इस तल पर अलग-अलग शल्य चिकित्सा कक्ष, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन थिएटर और अन्य चिकित्सकीय इकाइयां भी हैं। इसके अलावा, टावर-3 के प्रथम तल पर रेडियोलॉजी विभाग स्थित है। योजना के अनुसार पीएमसीएच में अब एक साथ 2500 बेड पर मरीजों का आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इलाज होगा।
फेज-1 में तीन टावर तैयार, बाकी निर्माण पर भी नजर
PMCH पुनर्विकास परियोजना के पहले चरण में सेंट्रल ओपीडी, रेडियोलॉजी, प्रशासनिक कार्यालय और टावर-3 से जुड़ी संरचनाएं तैयार की गई हैं। टाटा वार्ड के पास चौथे टावर का निर्माण भी परियोजना का हिस्सा है। फरवरी-मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, फेज-2 के तहत दो अन्य टावरों का निर्माण कार्य जारी है। इससे अलग-अलग जगहों पर फैली चिकित्सा सेवाओं को एक व्यवस्थित परिसर में लाने में मदद मिलेगी। पीएमसीएच को विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना है। इसके लिए तीन चरणों में कुल 5462 बेड का वाला अस्पताल बनाया जायेगा। कुल 5460 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट