दिल्ली में SIR नोटिस पाने वाले 33 लाख में से 60% वोटर्स का वेरिफिकेशन पूरा, 15 हजार BLOs को रोजाना 10 नोटिस निपटाने के निर्देश

Delhi SIR Dispute: दिल्ली में बीएलओ (BLO) को डोर-टू-डोर सत्यापन के अधिकार देने के बाद, नोटिस पाने वाले कुल 33 लाख मतदाताओं में से 60% से अधिक (लगभग 20 लाख) का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। लगभग 15,000 बीएलओ को रोजाना कम से कम 10 नोटिस/मामलों को निपटाने का निर्देश दिया गया है, ताकि 4 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम एसआईआर सूची से पहले सभी विसंगतियों को दूर किया जा सके

अपडेटेड Oct 13, 2026 पर 10:46 AM
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Delhi SIR Dispute: दिल्ली में जिन 33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया था उनमें से 20 लाख का निपटारा

Delhi SIR Dispute: दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया के तहत नोटिस पाने वाले करीब 33 लाख मतदाताओं में से 60 प्रतिशत से अधिक (लगभग 20 लाख) लोगों का सत्यापन पूरा हो चुका है। चुनाव आयोग की ओर से सत्यापन प्रक्रिया में राहत दिए जाने के बाद यह काम तेजी से आगे बढ़ा है। अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज जुटा रहे हैं, ताकि उन्हें सरकारी दफ्तरों में सुनवाई के लिए आने की जरूरत कम पड़े। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लगभग 15,000 बीएलओ को रोजाना कम से कम 10 नोटिस/मामलों को निपटाने का निर्देश दिया है, ताकि 4 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली फाइनल SIR लिस्ट से पहले सभी गलतियों को दूर किया जा सके।

इन मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों या 2002 की वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के कारण एसआईआर के तहत नोटिस जारी किए गए थे। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने बयान में कहा कि किसी भी व्यक्ति को कोई शिकायत है तो वह 14,947 बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs), 902 असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (AEROs), 70 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (EROs), 13 डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अधिकारियों (DEOs) या दिल्ली के सीईओ से संपर्क कर सकता है।

बयान में कहा गया, "हमने इन मामलों के समाधान के लिए सक्रिय अभियान शुरू किया था। और अब तक 33 लाख में से करीब 20 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है।" बयान के अनुसार, विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जहां बीएलओ मतदाताओं की सहायता कर सकते हैं। एसआईआर से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए ऐसे शिविर 18 और 25 अक्टूबर को भी लगाए जाएंगे।


33 लोगों को जारी हुए थे नोटिस

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में SIR के तहत करीब 33 लाख वोटर्स को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें लगभग 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां (Logical Discrepancies) पाई गईं। जबकि करीब 14 लाख मतदाताओं को 'अनमैप्ड' कैटेगरी में रखा गया। अब इन मतदाताओं से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

दिल्ली में वोटर लिस्ट के आंकड़े क्या कहते हैं?

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में जनवरी 2025 में विधानसभा चुनाव से पहले करीब 1.55 करोड़ मतदाता थे। जून में SIR की प्रक्रिया शुरू होने के समय मतदाताओं की संख्या लगभग 1.45 करोड़ बताई गई। इसके बाद 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97.5 लाख मतदाताओं के नाम दर्ज थे। इसके अलावा, करीब 33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए। इनमें 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां और करीब 14 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में मैपिंग से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।

19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में मिलीं विसंगतियां

SIR के दौरान करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में ऐसी विसंगतियां सामने आईं, जिनमें नामों का मेल न खाना, उम्र से संबंधित असंगतियां और अन्य जानकारियों में अंतर जैसी समस्याएं शामिल हैं। इन मामलों में मतदाताओं से जानकारी स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। चुनाव आयोग का उद्देश्य रिकॉर्ड की जांच करके मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।

14 लाख मतदाता 'अनमैप्ड'

करीब 14 लाख मतदाताओं को 'अनमैप्ड' कैटेगरी में रखा गया। इसका मतलब है कि उनके रिकॉर्ड को वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट से जोड़ा नहीं जा सका। ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी कर अपनी पात्रता स्पष्ट करने और सहायक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उनके नामों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

BLO घर-घर जाकर जुटा रहे दस्तावेज

सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर अब मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज जुटा रहे हैं। इससे लोगों को हर छोटी समस्या के लिए सरकारी कार्यालयों में पेश होने की जरूरत कम होगी। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को नाम की स्पेलिंग जैसी छोटी गलतियों को सुधारने की जिम्मेदारी भी दी गई है। इससे उन मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है, जिनमें मामूली त्रुटियों के कारण मतदाताओं को नोटिस जारी हुए हैं।

4 दिसंबर को जारी होनी है फाइनल लिस्ट

SIR की इस प्रक्रिया का एक प्रमुख उद्देश्य मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच करना और उनकी पात्रता सुनिश्चित करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनल SIR वोटर लिस्ट 4 दिसंबर को प्रकाशित की जानी निर्धारित है। फिलहाल, दिल्ली में नोटिस पाने वाले मतदाताओं के सत्यापन का काम जारी है। इस प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच, रिकॉर्ड में सुधार और वोटर लिस्ट से संबंधित विसंगतियों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।

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