राम मंदिर ट्रस्ट में CEO बनने का मौका, 18 जुलाई तक करें आवेदन; 3 साल का होगा कार्यकाल, जानें- योग्यता और जिम्मेदारियां
Ram Mandir CEO Vacancy: श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से जारी नोटिस में बताया गया है कि CEO पद के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई, 2026 है। सर्विस की अवधि तीन साल तय की गई है। नोटिस के अनुसार, 50 से 70 साल की उम्र के लोग इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं
Ram Mandir CEO Vacancy: राम मंदिर में सीईओ के लिए चयनित उम्मीदवार का कार्यकाल 3 साल का होगा
Ram Mandir CEO Vacancy: 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। ट्रस्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक नोटिस जारी करते हुए बताया कि इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवार का कार्यकाल तीन साल का होगा।
नोटिस के अनुसार, 50 से 70 वर्ष आयु वर्ग के योग्य उम्मीदवार इस पद के लिए अप्लाई कर सकते हैं। वहीं, चयनित CEO की सैलरी आपसी सहमति के आधार पर तय किया जाएगा। CEO ट्रस्ट के कुल मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार होंगे। इसमें संस्था के लक्ष्यों और दायरे के हिसाब से ऑपरेशनल सिस्टम, प्रक्रियाएं और तौर-तरीके विकसित करना और संगठन के ढांचे को मजबूत करना शामिल है।
इस भूमिका में अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के काम की निगरानी करना, ट्रस्ट की मौजूदा गतिविधियों और भविष्य के विकास को सुचारू रूप से चलाना और सभी कानूनी, रेगुलेटरी और ट्रस्ट डीड की जरूरतों का पालन सुनिश्चित करना भी शामिल है। CEO पर वित्तीय लेन-देन, अकाउंटिंग सिस्टम और संस्थागत जानकारी में पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशलता को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी होगी।
CEO की होगी सबसे बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी
ट्रस्ट के अनुसार, CEO सीधे महासचिव (General Secretary) को रिपोर्ट करेंगे और ट्रस्ट के सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी होंगे। उनके जिम्मे ट्रस्ट के प्रशासनिक, वैधानिक और वित्तीय कार्यों का संचालन रहेगा। साथ ही संस्था की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने, नई व्यवस्थाएं विकसित करने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।
वित्तीय पारदर्शिता और कर्मचारियों की निगरानी होगी जिम्मेदारी
CEO ट्रस्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज की निगरानी करेंगे। इसके अलावा वित्तीय लेनदेन, लेखा प्रणाली और संस्थागत सूचनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करना भी उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा। उन्हें यह भी देखना होगा कि ट्रस्ट का संचालन सभी कानूनी और नियामकीय प्रावधानों के अनुरूप हो।
सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक आयोजन पर भी रहेगी नजर
CEO राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगे। साथ ही मंदिर में होने वाले सभी धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ, पर्व और उत्सवों का संचालन परंपराओं के अनुरूप और सुचारु रूप से हो, इसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और ट्रस्ट की प्रतिष्ठा बढ़ाने पर रहेगा फोकस
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि CEO को मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और संतुष्टि सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा विशिष्ट अतिथियों और संत-महात्माओं की व्यवस्था, ट्रस्ट और राम मंदिर की प्रतिष्ठा को बढ़ावा देना तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में भी काम करना होगा।
ट्रस्ट की संपत्तियों का संरक्षण भी होगा दायित्व
CEO ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा, मैनेजमेंट और उनके वैध उपयोग को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही ट्रस्ट डीड में निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए योजनाएं तैयार करेंगे। साथ ही उन्हें ट्रस्टी बोर्ड एवं महासचिव के मार्गदर्शन में लागू करेंगे। समय-समय पर ट्रस्ट की ओर से सौंपे जाने वाले अन्य दायित्वों का निर्वहन भी CEO को करना होगा।