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आजादी के बाद भी 11 महीने तक RBI के भरोसे चला था पाकिस्तान! नया मुल्क तो बना, लेकिन अपना बैंक बनाना भूल गए पड़ोसी

Partition of India 1947 Monetary System: विभाजन की उस आंधी में जमीन बांटी गई, नदियां बांटी गईं, पुलिस-फौज और मेज-कुर्सियों तक का बंटवारा हुआ। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजादी के बाद भी करीब 11 महीनों तक पाकिस्तान का अपना कोई बैंक नहीं था

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 11, 2026 पर 3:36 PM
आजादी के बाद भी 11 महीने तक RBI के भरोसे चला था पाकिस्तान! नया मुल्क तो बना, लेकिन अपना बैंक बनाना भूल गए पड़ोसी
चित्र, रंग, गवर्नर के दस्तखत और पूरा डिजाइन सब कुछ भारतीय नोट वाला ही था, बस उस पर पाकिस्तान का ठप्पा लगा हुआ था

Partition of India 1947: 15 अगस्त 1947... जब नक्शे पर एक नई लकीर खींची गई और दुनिया के नक्शे पर भारत के साथ-साथ 'पाकिस्तान' नाम का एक नया मुल्क वजूद में आया। विभाजन की उस आंधी में जमीन बांटी गई, नदियां बांटी गईं, पुलिस-फौज और मेज-कुर्सियों तक का बंटवारा हुआ। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजादी के बाद भी करीब 11 महीनों तक पाकिस्तान का अपना कोई बैंक नहीं था?

हैरान करने वाली बात यह है कि जून 1948 तक पाकिस्तान की वित्तीय रीढ़, उसका सरकारी खजाना और उसकी पूरी अर्थव्यवस्था भारत का भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ही संभाल रहा था।

जब नया मुल्क तो बना, लेकिन बैंक बनाना भूल गए!

1935 में स्थापित हुआ RBI अविभाजित ब्रिटिश भारत का केंद्रीय बैंक था। जब अगस्त 1947 में बंटवारा हुआ, तो रातों-रात कोई नया केंद्रीय बैंक खड़ा करना आसान नहीं था। बैंक बनाने के लिए सिर्फ इमारतों की जरूरत नहीं थी। उसके लिए कड़े कानून, प्रशिक्षित अधिकारी, करेंसी छापने की प्रेस और अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल बैंकों से नेटवर्क की जरूरत थी। पाकिस्तान के पास उस समय ऐसा कोई ढांचा नहीं था। न तो सरकारी खातों को संभालने की व्यवस्था थी और न ही नोट छापने की कोई तकनीक।

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