दिल्ली पुलिस ने बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के CCTV फुटेज की जांच की, जिसमें पाया गया कि हमला करीब 80 सेकंड तक चला और इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने भी बीच बचाव किया। आरोपी, मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कतार में खड़ा था और उसके आगे करीब पांच लोग खड़े थे। बाद में आरोपी की पहचान राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया के रूप में हुई।
सूत्रों ने बताया कि वह कतार में आगे बढ़ गया और अपने साथ दस्तावेज लेकर रेखा गुप्ता के पास पहुंच गया। यह बात खुले तौर पर सामने आ चुकी है कि सकरिया ने पहले मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा, जिसके बाद वह लड़खड़ाकर दीवार से जा टकराईं।
CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से आगे बताया, "इसके बाद आरोपी ने मुख्यमंत्री के बाल पकड़ लिए। इसके तुरंत बाद, आरोपी को मुख्यमंत्री के सुरक्षा कर्मियों और वहां मौजूद दूसरे लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया।"
रेखा गुप्ता के कार्यालय ने बताया कि बुधवार सुबह सिविल लाइंस में उनके कैंप कार्यालय में 'जन सुनवाई' कार्यक्रम के दौरान उन पर हमला हुआ।
आरोपी को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है।
दिल्ली के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि आरोपी पिछले 24 घंटे से उनके घर की रेकी कर रहा था और मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बना रहा था।
उन्होंने बताया कि आरोपी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के शालीमार बाग वाले घर की रेकी के लिए पहुंचा था। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उनके घर के पास रात बिताई और जनसभा के दौरान उन पर हमला किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, "आज 'जन सुनवाई' के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर एक व्यक्ति ने हमला किया। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।"
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली बीजेपी प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री गुप्ता ‘सदमे’ में हैं, लेकिन वह ठीक हैं।
इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने के आरोपी गुजरात के व्यक्ति की मां ने दावा किया कि उनका बेटा किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और वह आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी गया था।