32 लाख कैश, सोना और महंगी घड़ियां... PA के घर ED की रेड के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस के दो पदों से दिया इस्तीफा

Harish Rawat Resignation: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को कांग्रेस के अहम पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके द्वारा यह कदम तब उठाया गया जब ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके पर्सनल असिस्टेंट चंदन सिंह जीना के घर पर छापेमारी के दौरान कैश, सोना और महंगी घड़ियां बरामद कीं।

अपडेटेड Sep 12, 2026 पर 11:22 AM
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हरीश रावत ने कांग्रेस के दो अहम पदों से दिया इस्तीफा

Harish Rawat Resignation: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को कांग्रेस के अहम पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके द्वारा यह कदम तब उठाया गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके पर्सनल असिस्टेंट चंदन सिंह जीना के घर पर छापेमारी के दौरान बिना हिसाब-किताब वाला कैश, सोना और महंगी घड़ियां बरामद कीं।

बता दें कि रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की एग्जीक्यूटिव के सदस्य और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य के तौर पर इस्तीफा दिया है।

हरिश रावत ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट


X पर एक लंबी पोस्ट में, रावत ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी किसी हरकत या व्यवहार से भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की चल रही लड़ाई कमजोर पड़े। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने अपने "इष्ट देवता" को याद करने के बाद लिया है।

रावत ने कहा, "मैंने अभी अपने आराध्य देवता को याद किया और एक बड़ा फैसला लिया है। मैं किसी सरकारी पद पर नहीं हूं जिससे इस्तीफा दे सकूं। हालांकि, मैं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी समिति का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्य समिति का स्थायी आमंत्रित सदस्य हूं। मैं बहुत विनम्रतापूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहता हूं, क्योंकि मेरी वजह से पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी नहीं आनी चाहिए।"

उन्होंने ने कहा कि चंदन सिंह जीना ने 2014 से 2017 तक उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उनके 'ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी' (OSD) के तौर पर काम किया और अहम जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने जीना को "बहुत ही भले, विनम्र और मेहनती व्यक्ति" बताया, लेकिन कहा कि अगर उन पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें इस कथित गलत काम पर शर्म आएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "यह सच है कि मिस्टर जीना मेरे OSD रहे हैं, और मैंने पार्टी या सरकार में जिन भी पदों पर काम किया है, उन्होंने वहां अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। मिस्टर जीना बहुत ही भले, विनम्र और मेहनती व्यक्ति हैं। अगर ग्राम सेवकों की भर्ती में OMR शीट के साथ कोई छेड़छाड़ हुई है, और अगर उनकी तरफ से ऐसी कोई गलती होने का सबूत मिलता है, तो मुझे उनकी इस कथित दुस्साहसी हरकत पर शर्म आएगी। हालांकि, मुझे इस आरोप पर बिल्कुल भी यकीन नहीं है।"

रावत ने आरोपों को किया खारिज

रावत ने किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल होने के आरोपों को खारिज किया और कहा कि मामले की सच्चाई समय आने पर सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इन आरोपों पर यकीन नहीं है कि जीना ने भर्ती परीक्षा के दौरान OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की थी।

रावत ने कहा, "अगर मैंने जान-बूझकर या अनजाने में ऐसा कोई काम किया है जिससे हमारे राज्य के युवाओं के भविष्य पर बुरा असर पड़ा है, तो मैं खुद को सजा का हकदार मानता हूं।" उन्होंने किसी भी संभावित चूक के लिए उत्तराखंड के लोगों से माफी भी मांगी।

उन्होंने यह भी चुनौती दी कि अगर किसी के पास भर्ती या नियुक्ति से जुड़ी किसी गड़बड़ी में उनकी भूमिका के सबूत हैं, तो वह उन्हें CBI, ED या राज्य पुलिस को सौंपे।

मेरे और कांग्रेस के खिलाफ नैरेटिव बनाने की कोशिश

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि यह ताजा कार्रवाई उत्तराखंड चुनावों से पहले उनके और कांग्रेस के खिलाफ एक नैरेटिव बनाने की कोशिश थी। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में बहुत कुछ दांव पर लगा है और जोर देकर कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हैं।

रावत ने कहा, "उत्तराखंड के चुनावों में बहुत कुछ दांव पर लगा है। जब भी कोई मुझसे पूछता था कि चुनाव कब होंगे, तो मैं मजाक में कहता था कि चुनाव तब होंगे जब CBI मेरे दरवाजे पर दस्तक देगी। अगर वे अभी तक नहीं आए हैं, तो इसका मतलब है कि चुनाव अगले साल मार्च-अप्रैल में ही होंगे। लेकिन इस बार, मेरे घर पर दस्तक देने के बजाय, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देने और एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई है।"

PA के घर से कैश, सोना और महंगी घड़ियां बरामद

ED ने शुक्रवार को कहा कि उसने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा, 2016 में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के सिलसिले में देहरादून में कई जगहों पर तलाशी ली और चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख रुपये नकद (जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं था), सोना और महंगी घड़ियां बरामद कीं।

ED ने शुक्रवार को जारी एक प्रेस रिलीज में बताया कि 10 सितंबर को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी ली गई।

ED ने दी जानकारी

एजेंसी के अनुसार, UKSSSC के तत्कालीन चेयरमैन और सेक्रेटरी, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, OMR प्रोसेसिंग के लिए हायर की गई प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और इस साजिश से जुड़े कथित बिचौलियों के घरों पर तलाशी ली गई। एजेंसी का आरोप है कि ये सभी लोग इस मामले से जुड़े हुए थे।

ED ने बताया कि चंदन सिंह जीना के घर पर भी छापेमारी की गई। एजेंसी के मुताबिक, जीना 2014 से 2017 के बीच हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनके ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के तौर पर काम कर चुके हैं।

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