UP चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस में तकरार तेज! '150 तो दूर, 50 सीट देना भी बड़ी बात'; SP सांसद का कांग्रेस की मांग पर तंज
SP-Congress Alliance Dispute: समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता एवं प्रतापगढ़ से सांसद एसपी सिंह पटेल ने शनिवार को दावा किया कि यदि सपा से गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एक भी सीट नहीं जीत पाती। पटेल ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आश्वासन देने के बाद ही राहुल गांधी ने रायबरेली से चुनाव लड़ा
SP-Congress Alliance Dispute: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सीट शेयरिंग को लेकर सपा-कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है
SP-Congress Alliance Dispute: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान बढ़ता दिख रही है। गठबंधन को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले ही सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस की 150 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रतापगढ़ से लोकसभा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने कहा कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी ताकत और संगठनात्मक स्थिति के हिसाब से सीटों की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की 150 सीटों की मांग पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को 50 सीट देना भी बड़ी बात होगी।
उन्होंने कहा, “150 सीटों का तो सवाल ही नहीं है। उन्हें 50 सीट देना भी बड़ी बात होगी।” पटेल ने पीटीआई से कहा, "(सपा के साथ) गठबंधन नहीं होता तो आप (कांग्रेस) एक भी सीट नहीं जीत पाते। यहां तक कि स्थिति ऐसी बन गई थी कि उनके शीर्ष नेता राहुल गांधी अपनी सीट छोड़ने को तैयार थे।" सपा सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने हाल ही में कहा था कि गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस 403 विधानसभा सीटों में से कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
गौतम के मुताबिक, सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अक्टूबर में पूरी की जाएगी और कांग्रेस ने सभी 403 सीटों के लिए अपने उम्मीदवार तैयार कर रखे हैं। उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 80 सीट में से सपा ने 37 और उसकी सहयोगी कांग्रेस ने छह सीट जीती थीं। BJP ने 33 सीट जीती थीं। जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को कुल 36 सीट मिली थीं। वर्तमान में 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा के 101 और कांग्रेस के दो विधायक हैं।
2022 के प्रदर्शन का दिया हवाला
शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस की बड़ी सीट हिस्सेदारी की मांग पर सवाल उठाते हुए 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों का हवाला दिया। कांग्रेस ने 2022 में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन उसे महज दो सीटों पर जीत मिली थी। सपा सांसद ने इसी प्रदर्शन को आधार बनाते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस ने अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन से कोई सबक लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की वजह से सपा के वोटों का नुकसान हुआ था। उनका तर्क था कि अगर कांग्रेस ने सपा के वोटों में सेंध नहीं लगाई होती तो उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बन सकती थी।
2024 लोकसभा चुनाव का भी जिक्र
सपा सांसद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। शिवपाल सिंह पटेल ने दावा किया कि सपा के साथ गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस के छह सांसद भी चुनाव नहीं जीत पाते। उन्होंने कहा, "अगर हमारे साथ गठबंधन नहीं होता तो उनके छह सांसद नहीं जीतते।"
राहुल गांधी को लेकर भी किया बड़ा दावा
सपा सांसद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 2024 लोकसभा चुनाव में रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी शुरुआत में रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर आशंकित थे। इस मामले में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात करने पहुंचे थे। शिवपाल सिंह पटेल के मुताबिक, राहुल गांधी ने अखिलेश यादव को अपनी स्थिति बताई थी।
इसके बाद अखिलेश यादव ने कथित तौर पर उनसे कहा कि अगर वह चुनाव नहीं लड़ते हैं तो सपा अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। सपा सांसद का दावा है कि इसके बाद ही राहुल गांधी ने रायबरेली से नामांकन दाखिल किया। हालांकि, यह शिवपाल सिंह पटेल का दावा है। राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया इस खबर में नहीं दी गई है। राहुल गांधी ने आखिरकार 2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी।
2027 से पहले सीट शेयरिंग बनेगी बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएं बनी हुई हैं। लेकिन सीट बंटवारा दोनों दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। एक तरफ कांग्रेस अपने संगठन और भविष्य की चुनावी संभावनाओं के आधार पर बड़ी संख्या में सीटों की मांग कर रही है। वहीं सपा अपने 2022 और खासकर 2024 के लोकसभा प्रदर्शन को देखते हुए गठबंधन में बड़ी हिस्सेदारी चाह सकती है। ऐसे में औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले ही दोनों दलों के नेताओं के बयान गठबंधन के भीतर बढ़ती सौदेबाजी और राजनीतिक दबाव का संकेत दे रहे हैं।
'बात सीट की नहीं जीत की है...'; सपा-कांग्रेस पर घमासान पर अखिलेश का पोस्ट वायरल
सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर जारी विवाद पर अखिलेश यादव का एक बयान सामने आया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। अखिलेश ने X पर लिखा, "मकसद जब साफ़ हो तो हाथ-में-हाथ होता है...निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है! बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।"
मक़सद जब साफ़ हो तो हाथ-में-हाथ होता है निगाह मंज़िल पर हो तो सफ़र आसान होता है!
बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो। फिर दोहराते हैं : बात सीट की नहीं जीत की है। ये जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके और लोकतंत्र-संविधान-आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए और देश का सौहार्द फिर से खिलखिलाए, देश की तरक़्क़ी और ख़ुशहाली फिर से मुस्कुराए। जय संविधान-जय हिंदुस्तान! — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 4, 2026
इस पोस्ट में सपा मुखिया ने आगे लिखा, "फिर दोहराते हैं : बात सीट की नहीं जीत की है। ये जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके और लोकतंत्र-संविधान-आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए और देश का सौहार्द फिर से खिलखिलाए, देश की तरक़्क़ी और ख़ुशहाली फिर से मुस्कुराए। जय संविधान-जय हिंदुस्तान"