
Delhi Assembly election 2025: पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) पार्टी ने गुरुवार (16 जनवरी) को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर और मुफ्त राशन किट देने का वादा किया। वहीं, अगर कांग्रेस दिल्ली की सत्ता में आती है तो प्यारी दीदी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए देगी
4 जून को आने वाले हैं लोकसभा चुनाव के नतीजे
चुनाव आयोग ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के तारीखों का ऐलान 16 मार्च को कर रहा है। लोकसभा चुनाव में देशभर की 543 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। और नतीजों का ऐलान मई में एक ही दिन होगा। इससे पहले 2019 में लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से लेकर 19 मई तक चले थे। इस दौरान 7 चरणों में देशभर में चुनाव हुए थे। 2019 में लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आए थे। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने ओडिशा, आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का भी ऐलान 16 मार्च को कर रहा है।
| Phase | State | Seats |
|---|---|---|
| पहला चरण (19 अप्रैल) | 21 राज्य | 102 |
| दूसरा चरण (26 अप्रैल) | 13 राज्य | 89 |
| तीसरा चरण (7 मई) | 12 राज्य | 94 |
| चौथा चरण (13 मई) | 10 राज्य | 96 |
| पांचवां चरण (20 मई) | 8 राज्य | 49 |
| छठा चरण (25 मई) | 7 राज्य | 57 |
| सातवां चरण (1 जून) | 8 राज्य | 57 |
लोकसभा भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण अंग है जो भारतीय संघ का लोकतंत्रिक प्रतिनिधित्व करता है। यह देश के लोक सेवा क्षेत्र के सदस्यों के चयन के लिए जिम्मेदार होता है। लोकसभा के सदस्यों को जनता के माध्यम से निर्वाचित किया जाता है और वे लोकतंत्र के मूल तत्वों को प्रतिष्ठित करते हैं, जैसे कि लोकतंत्र, सामान्य जनता के प्रति जिम्मेदारी, और शासन के लिए जनता की आवाज को सुनना। लोकसभा की सभी कानूनों की विधायिका शक्ति है और यह केंद्र सरकार के लिए विशेष महत्व रखती है। लोकसभा में विधायकों की संख्या की सीमा 552 तक होती है।
लोकसभा चुनाव का आयोजन हर पांच साल में होता है। हालांकि अगर कभी केंद्र की सरकार पहले वक्त से पहले गिर जाती है तो भी लोकसभा के चुनाव कराया जाता है।
18 साल से ज्यादा उम्र वाले लोग लोकसभा में वोट डाल सकते हैं। वोट डालने के लिए वोटर आईडी कार्ड होना जरूरी है। किसी भी कानूनी कारणों जैसे मानसिक असंतुलन, कुछ अपराधों के लिए सजा या निर्वासन के कारण, वोटिंग से अयोग्य होने पर वोट डालने का अधिकार नहीं है। वोट डालने के लिए आपके पास वोटर कार्ड होना जरूरी है।
लोकसभा चुनाव में कोई भी भारतीय नागरिक उम्मीदवार बन सकता है जो निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करता है। भारतीय नागरिकता, कम से कम 25 वर्ष की आयु, और कोई अपराधिक या कानूनी अयोग्यता नहीं।
लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग की मुख्य भूमिका है चुनाव प्रक्रिया का प्रबंधन और सुरक्षा करना। इसकी जिम्मेदारी में मतदान, गणना, और चुनावी उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई शामिल होती है। उसका उद्देश्य निष्पक्ष और नियमित चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

आखिर कैसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच बातचीत बनी। कांग्रेस और सपा के बीच तीन बैठकें हुईं, RLD ने भी साथ छोड़ दिया, तब जाकर कांग्रेस को ये समझ आया उसे नरम रुख अपनाना और सहयोगियों के सामने झुकना भी होगा। माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी समेत पार्टी की टॉप लीडर्शिप को ये समझाया कि इस समय अंहकार से ज्यादा जीत जरूरी है, इसलिए थोड़ा समझौता करना हमारे लिए अच्छा होगा। यूपी में कांग्रेस सिर्फ 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बाकी की 63 सीटों पर समाजवादी पार्टी और दूसरे साथी दल अपने चेहरे उतारेंगे। दिल्ली और पंजाब में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के कुछ विरोधियों के नाराज होने के बावजूद, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जिस समझौते पर सहमत हुए थे।