Success Story: खेती को अक्सर मौसम, मंडी और लागत के जोखिम से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन सही फसल, वैज्ञानिक तकनीक और बाजार की समझ हो तो यही खेती बड़े कारोबार का रूप ले सकती है। इसकी एक मिसाल हैं करोड़पति किसान रामशरण वर्मा, जो करीब 55 एकड़ में केले की खेती कर हर साल लगभग 1.65 करोड़ रुपए की कमाई कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के 10वी फेल रामशरण ने पढ़ाई छोड़कर आज पारंपरिक खेतों में करोड़ो का टर्नओवर कर रहे हैं।
रामशरण ने केले की खेती को केवल पारंपरिक तरीके से करने के बजाय इसमें आधुनिक तकनीक को अपनाया। खेत में फसल मैनेजमेंट से लेकर पौधों की देखभाल और बाजार तक पहुंच बनाने पर उनका खास जोर है। यही वजह है कि बड़े रकबे में खेती के बावजूद उत्पादन और बिक्री का पूरा सिस्टम व्यवस्थित तरीके से चल रहा है। पद्मश्री से सम्मानित लग्जरी फार्महाउस में रहने वाले करोड़पति किसान रामशरण 250 एकड़ में खेती करते हैं। वह सिर्फ केले से ₹1.65 करोड़ कमाते हैं।
एक फसल, कई महीने तक लगातार आमदनी
केला ऐसी फसल है जिसकी बाजार में मांग पूरे साल बनी रहती है। 'दैनिक भास्कर' की रिपोर्ट के मुताबिक रामशरण की फसल लगभग 11 महीने में तैयार होती है। इससे खेत खाली रहने का समय कम होता है। किसान नियमित रूप से अगली फसल की तैयारी कर पाते हैं। उनकी खेती का मॉडल इस बात पर आधारित है कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही काफी नहीं है। बल्कि फसल की क्वालिटी और सही समय पर बिक्री भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
रामशरण के खेत में तैयार होने वाले केले के घौद का वजन करीब 20 से 28 किलो तक बताया गया है। अच्छी क्वालिटी और बेहतर उत्पादन के लिए खेत में पौधों की नियमित देखभाल की जाती है। केले की खेती में सिंचाई, खाद, रोग-कीट नियंत्रण और पौधों की सही दूरी जैसे छोटे-छोटे फैसले उत्पादन पर बड़ा असर डालते हैं। रामशरण ने इन्हीं पहलुओं को व्यवस्थित खेती का हिस्सा बनाया।
टेक्नोलॉजी बनी खेती की ताकत
रिपोर्ट में बताया गया है कि रामशरण ने खेती में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया है। इससे फसल की देखभाल और उत्पादन प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। उनका अनुभव बताता है कि बड़े क्षेत्र में खेती करने के लिए केवल जमीन पर्याप्त नहीं होती। तकनीक, मजदूरों का प्रबंधन, पानी की उपलब्धता और बाजार की समझ इन सभी को एक साथ लेकर चलना पड़ता है।
50 से ज्यादा किसान सीख रहे खेती का तरीका
रामशरण की खेती को देखकर आसपास के किसान भी केले की खेती की ओर आकर्षित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 50 से अधिक किसान उनसे केले की खेती के तौर-तरीके सीख रहे हैं। यही इस कहानी की सबसे बड़ी खासियत है। रामशरण के लिए केला सिर्फ एक फसल नहीं रहा। बल्कि ऐसा कृषि मॉडल बन गया है जिसे देखकर दूसरे किसान भी अपनी आमदनी बढ़ाने के विकल्प तलाश रहे हैं।
55 एकड़ का खेत, 1.65 करोड़ की सालाना कमाई
रामशरण की कहानी बताती है कि पारंपरिक खेती को अगर बाजार की मांग और आधुनिक कृषि तकनीक के साथ जोड़ा जाए, तो बड़े पैमाने पर आय का रास्ता बनाया जा सकता है। 55 एकड़ में केले की खेती और करीब 1.65 करोड़ रुपए सालाना कमाई का यह आंकड़ा भले ही बड़ा दिखाई देता हो। लेकिन इसके पीछे लगातार मेहनत, फसल मैनेजमेंट, लागत और बाजार की समझ जुड़ी है।