Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने केंद्र से सवाल किया कि क्या जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों के कारण हटाया गया, या फिर इस जगह की उपयोगिता और प्रदर्शन स्थल के तौर पर इसकी प्रभावशीलता पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया ?
दरअसल, मामला यह है कि हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक आदेश जारी करते हुए कहा कि जंतर-मंतर की जगह अब विरोध-प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड (शाहदरा) को चिन्हित किया गया है।
जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्र सरकार के जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती दी गई है।
दिल्ली पुलिस और केंद्र के बयान में अंतर
दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया था कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश के आधार पर लिया गया था। हालांकि, केंद्र सरकार ने आज इस दावे से इनकार किया।
जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से क्यों हटाया गया?
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह की सूची से हटाने का फैसला एक समिति की सिफारिश पर लिया गया था।