Surya Ghar Yojana: 40 लाख घरों में लग गए रूफटॉप सोलर, अभी Solar डीलर बनने के तरीके और इसके 5 बड़े फायदे जान लीजिए

Surya Ghar Yojana: 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' के तहत देश में फिलहाल 40 लाख से ज्यादा घरों को रूफटॉप सोलर सिस्टम का फायदा मिल रहा है। यह देश के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव में योगदान दे रहा है। जबकि अगले साल मार्च तक एक करोड़ घरों को इस योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है

अपडेटेड May 30, 2026 पर 2:43 PM
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Surya Ghar Yojana के तहत अब 40 लाख से ज्यादा घरों को रूफटॉप सोलर सिस्टम का फायदा मिल रहा है

Surya Ghar Yojana: एक छोटे से गांव में रमेश (बदला हुआ नाम) अपने परिवार के साथ रहता था। हर महीने उसका बिजली का बिल काफी आता था, जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता था। एक दिन रमेश को 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' के बारे में पता चला। उसने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाया। सरकार से उसे सब्सिडी भी मिली, जिससे खर्च कम हो गया। कुछ ही दिनों में उसके घर में सौर ऊर्जा से बिजली बनने लगी। अब उसे दिन में बिजली के लिए ज्यादा पैसे नहीं देने पड़ते थे। कई बार जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर वह उसे बिजली ग्रिड में भेज देता था और बदले में लाभ भी पाता था।

रमेश के बिजली बिल में बड़ी कमी आ गई। बची हुई रकम से उसने अपने बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करना शुरू किया। उसके पड़ोसी भी यह देखकर प्रेरित हुए और उन्होंने भी अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाए। धीरे-धीरे पूरा गांव स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने लगा। लोगों के बिजली खर्च कम हुए और पर्यावरण भी सुरक्षित रहने लगा। रमेश की ये कहानी आपको भले ही फिल्मी लगे, लेकिन इसमें नाम के अलावा ऊपर किए गए सभी दावे सही है।

40 लोगों को मिला रूफटॉप सोलर का लाभ


Surya Ghar Yojana के तहत देश में फिलहाल 40 लाख से ज्यादा घरों को रूफटॉप सोलर सिस्टम का फायदा मिल रहा है। यह देश के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव में योगदान दे रहा है। जबकि अगले साल मार्च तक एक करोड़ घरों को इस योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। फरवरी 2024 में शुरू हुई 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' का मकसद मार्च 2027 तक एक करोड़ भारतीय घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाना है। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को बेमिसाल रफ्तार से अपनाया जा रहा है। मई महीने में हर आठ दिन में एक लाख से ज्यादा घरों को इसका फायदा मिला।

किस राज्य में कितना लगा सोलर?

गुजरात में सबसे ज्यादा 6.8 लाख सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। उसके बाद महाराष्ट्र में 6 लाख और उत्तर प्रदेश में 5.6 लाख सिस्टम लगाए गए हैं। जहां देश में कुल सोलर बिजली उत्पादन क्षमता 154 GW होने का अनुमान है। वहीं, रूफटॉप सिस्टम का योगदान 11.8 GW है। इसमें 32 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम शामिल हैं। लगाए गए सिस्टम (फिजिकल पैनल) और फायदा पाने वाले घरों की संख्या में अंतर इसलिए होता है, क्योंकि कई घर मिलकर एक ही बड़ा रूफटॉप सिस्टम इस्तेमाल कर सकते हैं।

78,000 रुपये तक सब्सिडी देती है सरकार

यह अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स, कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी और संयुक्त परिवारों वाले घरों में आम बात है। 3 किलोवॉट (kW) का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने पर घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ़्त बिजली मिल सकती है। केंद्र सरकार 3 kW के रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए 78,000 रुपये तक की सब्सिडी देती है। जबकि ज्यादातर राज्य भी अलग से सब्सिडी देते हैं। हालांकि, उपभोक्ता ज़्यादा क्षमता वाले रूफटॉप सिस्टम भी लगवा सकते हैं। लेकिन सब्सिडी सिर्फ 3 kW तक के सिस्टम पर ही मिलती है।

Solar डीलर बनने का आसान तरीका

किसी भरोसेमंद सोलर कंपनी की डीलरशिप लें।

GST और अन्य जरूरी व्यापारिक रजिस्ट्रेशन करवाएं।

सोलर पैनल, इन्वर्टर और बैटरी की जानकारी हासिल करें।

इंस्टॉलेशन और सर्विस के लिए तकनीकी टीम तैयार करें।

सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी ग्राहकों तक पहुंचाएं।

स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर ग्राहक नेटवर्क बनाएं।

Solar डीलर बनने के 5 बड़े फायदे

1. बढ़ती मांग का फायदा

बिजली की बढ़ती कीमतों और सरकारी प्रोत्साहन के कारण सोलर सिस्टम की मांग लगातार बढ़ रही है।

2. अच्छा मुनाफा

सोलर पैनल, इन्वर्टर और इंस्टॉलेशन सेवाओं से अच्छी कमाई की जा सकती है।

3. सरकारी योजनाओं का समर्थन

जैसे PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के कारण ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है, जिससे कारोबार को फायदा मिलता है।

4. लंबे समय का व्यवसाय

सोलर सिस्टम के साथ मेंटेनेंस और सर्विस का काम भी मिलता है, जिससे नियमित आय बनी रहती है।

5. पर्यावरण संरक्षण में योगदान

सोलर एनर्जी स्वच्छ और हरित ऊर्जा है। इससे प्रदूषण कम होता है और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ती है।

अब तक 22,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी

केंद्र सरकार अब तक 22,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी कर चुकी है। गुजरात में सबसे ज्यादा 6.8 लाख सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। उसके बाद महाराष्ट्र में 6 लाख और उत्तर प्रदेश में 5.6 लाख सिस्टम लगाए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि घर के मालिक नेट मीटरिंग के जरिए बची हुई बिजली को वापस ग्रिड में भेजकर कमाई भी कर सकते हैं। इस तरह, वे अपनी छतों को कमाई का जरिया बना सकते हैं।

नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, भारत 2026 में सालाना इंस्टॉलेशन के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बनने की राह पर है। भारत पहले ही 150 GW की स्थापित सोलर क्षमता को पार कर चुका है, जिसमें सिर्फ 14 महीनों में लगभग 50 GW की वृद्धि हुई है।

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फिर भी अभी देश में रूफटॉप की पहुंच अपनी क्षमता से काफी पीछे है। इसी कमी को डीलर एक टिकाऊ बिजनेस बनाने के अवसर के रूप में देखते हैं। अगर आप अभी भी भारत में एक रूफटॉप सोलर डीलर के तौर पर सोलर बूम को समझने की कोशिश कर रहे हैं, तो यहां कुछ ऐसे कारण दिए गए हैं जो इस अवसर को और भी स्पष्ट बनाते हैं।

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