बारिश से राहत नहीं! आज इन राज्यों में मूसलाधार गिरेगा पानी, यूपी-बिहार से आंध्र तक आंधी-तूफान भी, 60 kmph तक चल सकती हैं हवाएं
देश के मध्य, उत्तर और पूर्वी हिस्सों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की संभावना है।
देशभर में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर उग्र रूप ले चुकी हैं और लोगों को फिलहाल झमाझम बारिश से राहत मिलती नहीं दिख रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी दी है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर दक्षिण और पूर्वी तटीय क्षेत्रों तक मौसमी हलचल तेज हो गई है, जहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तटीय दबाव और चक्रवाती प्रणालियों के असर से लगातार तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
यूपी, बिहार, एमपी और उत्तराखंड में आंधी-बिजली के साथ भारी बारिश
देश के मध्य, उत्तर और पूर्वी हिस्सों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में तेज आंधी के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने का खतरा बना रहेगा।
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।
तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश में मौसम के सबसे तीव्र रूप के सामने आने की चेतावनी जारी की है। यहां अलग-अलग जगहों पर थंडरस्क्वाल आने की संभावना है। इसके दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के विस्तृत इलाकों में दिन के समय काफी तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।
दक्षिण भारत और मध्य भारत के अन्य हिस्सों में भी हवाओं का जोर रहेगा। विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु (पुडुचेरी तथा कराईकल सहित) के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण के राज्यों में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। दक्षिण भारत के केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
समुद्र में स्थिति चिंताजनक, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी
समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से समुद्र में काफी ऊंची लहरें उठने और मौसम खराब रहने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों तथा उत्तर-पश्चिम व पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
उधर अरब सागर में सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं। समुद्र की इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।