'अमित शाह देश के सबसे निकम्मे गृह मंत्री हैं', घुसपैठ के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी का तीखा हमला

अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार (30 दिसंबर) को कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "आज़ादी के बाद अगर कोई सबसे नाकाम और निकम्मा गृह मंत्री रहा है, तो वह अमित शाह हैं।" तृणमूल महासचिव ने घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह पर पलटवार किया और कहा, "बिहार चुनाव के समय देश की राजधानी दिल्ली में धमाका हुआ, तो क्या वहां ममता बनर्जी की सरकार है? जम्मू-कश्मीर में चार आतंकवादी घुस आए और 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई

अपडेटेड Dec 30, 2025 पर 10:55 PM
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में अब तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने घुसपैठ के मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में अमित शाह को निकम्मा गृह मंत्री बताया।

अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार (30 दिसंबर) को कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "आज़ादी के बाद अगर कोई सबसे नाकाम और निकम्मा गृह मंत्री रहा है, तो वह अमित शाह हैं।" तृणमूल महासचिव ने घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह पर पलटवार किया और कहा, "बिहार चुनाव के समय देश की राजधानी दिल्ली में धमाका हुआ, तो क्या वहां ममता बनर्जी की सरकार है? जम्मू-कश्मीर में चार आतंकवादी घुस आए और 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहां कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?" आगे उन्होंने कहा, "सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी BSF की है, जो गृह मंत्रालय के अधीन आता है। इसी तरह दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस भी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती हैं। ऐसे में इन घटनाओं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?" इन्हीं बातों को हवाला देते हुए अभिषेक बनर्जी ने शाह को अब तक के निकम्मे गृह मंत्री बताया।

इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले बंगाल में डर और भ्रम का माहौल बनाना चाहती है। मतुआ समुदाय के मुद्दे पर भी अभिषेक ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि नागरिकता के नाम पर मतुआ समाज को 'गाजर' दिखाया जा रहा है। एक तरफ भाजपा नेता नागरिकता का आश्वासन देते हैं, दूसरी तरफ उनके ही सांसद कहते हैं कि अगर नाम कटे तो उन्हें भी हटाया जा सकता है। अभिषेक ने इसे भाजपा की दोहरी राजनीति बताया।


वहीं, दूसरी ओर अमित शाह बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर है। कोलकाता से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने मौजूदा तृणमूल सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ममता सरकार को घेरते हुए, घुसपैठियों को पनाह देने का आरोप लगाया। शाह ने कहा, "ममता बनर्जी ठीकरा फोड़ती हैं कि BSF घुसपैठियों को नहीं रोकती, लेकिन राज्य सरकार बॉर्डर फेंसिंग के लिए ज़मीन नहीं देती। इसीलिए फेंसिंग का काम पूरा नहीं होता और घुसपैठिए घुस जाते है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा, "स्थानीय पुलिस घुसपैठियों पर कार्रवाई नहीं करती। केस दर्ज नहीं करती, जिससे वे गांव में बस जाते है।"

बता दे कि अभिषेक बुधवार को दिल्ली में SIR को लेकर चुनाव आयोग के सामने कई मांगें रखने वाले हैं। उससे पहले उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार बंगाल सरकार पर आरोप लगाकर अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है।

आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। घुसपैठ, नागरिकता और मतदाता सूची जैसे मुद्दे अब चुनावी बहस के केंद्र में आ चुके हैं। तृणमूल जहां केंद्र को जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं भाजपा राज्य सरकार को निशाने पर ले रही है। आने वाले दिनों में यह टकराव और भी तेज होने की संभावना है।

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