Tukaram Mundhe: 3 महीने में 3000 छापे, किसी को नहीं बख्श रहे IAS तुकाराम मुंढे! फूड सेफ्टी क्रैकडाउन पर अब उठा रहे ये स्टेप
Tukaram Mundhe News: सीनियर IAS अधिकारी और महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर पूरे प्रदेश में चल रहा अभियान और छापेमारी देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पूरे क्रैकडाउन के केंद्र में महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर और 51 वर्षीय आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे हैं
Tukaram Mundhe News: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे इस वक्त चर्चा में हैं
IAS Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर पूरे प्रदेश में चल रहा अभियान और छापेमारी देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पूरे क्रैकडाउन के केंद्र में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर और 51 वर्षीय आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे हैं। मई में FDA कमिश्नर का पद संभालने के बाद से उन्होंने फूड सेफ्टी का उल्लंघन, गंदगी से बन रहे खाने की चीजों के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रखा है। मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र के रेस्टोरेंट्स, होटलों, गोदामों और फूड आउटलेट्स पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
3 महीने में 3000 से अधिक छापे और बड़ी कार्रवाई
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक तुकाराम मुंढे के कमिश्नर बनने के बाद पिछले तीन महीनों में महाराष्ट्र एफडीए ने 3000 से अधिक छापे और इंस्पेक्शन किए हैं। इस ऐक्शन में डोमिनोज के चार आउटलेट्स और पिज्जा हट के एक आउटलेट समेत कई नामी फूड बिजनेस के लाइसेंस कैंसिल किए गए हैं। तुकाराम मुंढे की टीमों ने क्रिकेट क्लबों, पॉपुलर रेस्टोरेंट्स, होटलों और दूसरे मशहूर प्रतिष्ठानों में किसी को भी नहीं छोड़ा है। हर जगह ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
जब मुंबई कोर्ट की टिप्पणी के बाद सरकारी कैंटीनों पर पड़ा छापा
तुकाराम मुंढे के काम करने का तरीका तब और चर्चा में आया जब मुंबई की एक अदालत ने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या सरकारी कैंटीनों की भी जांच की जा रही है। जज द्वारा कोर्ट कैंटीनों के निरीक्षण को लेकर पूछे गए सवाल के तुरंत बाद एफडीए की टीमों ने अदालती परिसरों में छापेमारी की और बिना वैध लाइसेंस के चल रही कुछ कैंटीन सुविधाओं को बंद करवा दिया।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट करते हुए तुकाराम मुंढे ने रॉयटर्स से कहा कि जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें रेग्युलेटर के कड़े ऐक्शन का सामना करना ही पड़ेगा क्योंकि यह लोगों की जिंदगी से जुड़ा मामला है।
ई-कॉमर्स गोदाम और MCA की कैंटीन भी आई रडार पर
कमिश्नर तुकाराम मुंढे का यह क्रैकडाउन सिर्फ रेस्टोरेंट्स तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि ऑनलाइन ग्रॉसरी और फूड सप्लाई चेन भी इसकी जद में आए हैं। एफडीए की टीमों ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जुड़े गोदामों की जांच की और हाइजीन, स्टोर और लाइसेंसिंग से जुड़े नियमों को न मानने की वजह से कुछ सर्विसेज का काम रोक दिया।
महाराष्ट्र एफडीए ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के मशहूर वानखेड़े स्टेडियम के कैंपस के अंदर चलने वाले फूड आउटलेट्स की भी जांच की। इस दौरान क्लब परिसर में चल रहे रेस्टोरेंट्स संग पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। यहां अधिकारियों को फूड स्टोरेज और हाइजीन जुड़ी कमियां मिली थीं।
स्कूल कैंटीन, जंक फूड और स्ट्रीट फूड पर सख्त निर्देश
तुकाराम मुंढे ने स्कूलों के आसपास बेची जा रही खाने की चीजों को भी इस ऐक्शन के दायरे में ला दिया है। उन्होंने एजुकेशन इंस्टिट्यूट के पास जंक फूड और अनसेफ खाने की चीजों की बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई के मशहूर स्ट्रीट फूड कल्चर में सुधार के लिए कदम उठाए हैं।
जून के महीने में एफडीए ने वड़ा पाव जैसे पॉपुलर स्नैक्स समेत दूसरी खाने की चीजों को पैक करने या लपेटने के लिए अखबारों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया क्योंकि इससे खाने में हानिकारक केमिकल जाने का खतरा होता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई छापों की तस्वीरें
इस पूरे अभियान ने अपनी तस्वीरों और विजुअल्स को लेकर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। छापेमारी के दौरान सामने आई तस्वीरों में गंदे किचन, चूहे, कॉकरोच, खराब स्टोरेज और एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट्स जैसी कमियां देखने को मिली हैं। इन तस्वीरों ने खान-पान की दुकानों और फूड बिजनेस के स्वच्छता मानकों पर पूरे देश में बहस छेड़ दी है।
अपनी सख्त प्रशासनिक शैली के लिए पहचाने जाने वाले तुकाराम मुंढे की छवि एक ऐसे निडर अधिकारी की है जो सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटते। रॉयटर्स की रिपोर्ट में 2018 के उनके एक इंटरव्यू का जिक्र भी किया गया है।
इसमें उन्होंने कहा था कि अपने करियर में लगातार ट्रांसफर का सामना करने के बावजूद वे हमेशा इंडिपेंडेंट काम करने में यकीन करते रहे हैं। तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में महाराष्ट्र एफडीए की इस कार्रवाई के बाद अब कर्नाटक, तेलंगाना और दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों ने भी अपने यहां फूड सेफ्टी को लेकर छापेमारी तेज कर दी है।