UP Division News: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने राज्य के बंटवारे के लगभग दो दशक पुराने मुद्दे को फिर से उठाया है। उन्होंने दावा किया है कि जातिवार जनगणना के बाद देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा जा सकता है।
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी भविष्य के चुनावी गठबंधन के लिए यह एक जरूरी शर्त होगी कि प्रस्तावित पूर्वांचल राज्य का मुख्यमंत्री राजभर समुदाय से हो। राजभर ने अपने राजनीतिक दावे के समर्थन में पूर्वी बेल्ट में आबादी की ताकत और वोट शेयर का ज़िक्र किया।
राजभर ने रविवार 20 सितंबर को यूपी के देवरिया में सुभासपा द्वारा आयोजित 'सामाजिक समरसता महा रैली' को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि जातिवार जनगणना के बाद राज्य का बंटवारा किया जा सकता है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "मैं 27 प्रतिशत आरक्षण के मामले में देश के प्रधानमंत्री (पीएम नरेंद्र मोदी) के पास गया था। उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश जी आपकी बात सही है। लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। मैंने उनसे आगे का रास्ता पूछा तो प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि वह जातिवार जनगणना कराएंगे और एक बार जातियों की गिनती हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश का बंटवारा करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। हम जातिवार जनगणना के बाद बंटवारा करेंगे।"
राजभर ने कहा, "अब आप ही बताइए, हमें प्रधानमंत्री पर भरोसा करना चाहिए या समाजवादी पार्टी (SP), BSP और कांग्रेस के लोगों की बात माननी चाहिए?" उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनावों के मद्देनजर राजभर की इस घोषणा के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। उनकी इस बात को पूर्व में हुए चुनावों से पहले ऐसी ही मांगों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पूर्वांचल CM पद पर ठोका दावा
ओम प्रकाश राजभर ने रैली में मौजूद लोगों से कहा कि जब पूर्वांचल राज्य बनेगा, तो राजभर बिरादरी का ही कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा। उन्होंने कहा, "आज, जब कोई राजभर युवा पीला गमछा पहनकर कहीं जाता है, तो उसे दूर से ही राजभर के बेटे के तौर पर पहचाना जा सकता है। और अगर हमें यह पहचान किसी ने दी है, तो वह ओम प्रकाश राजभर है।"
राजभर ने आगे कहा, "युवाओं, हिम्मत मत हारो। राज्य को चार हिस्सों में बांटा जाएगा। और जिस दिन पूर्वांचल राज्य बनेगा, अगर किसी जाति से मुख्यमंत्री बनना होगा, तो पूर्वांचल का मुख्यमंत्री राजभर का बेटा ही बनेगा। काम करते समय यह बात ध्यान में रखना। सपा, बसपा या कांग्रेस में शामिल होने के लिए गुमराह मत होना।"
मायावती भी कर चुकी हैं बंटवारे की मांग
साल 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने न केवल उत्तर प्रदेश के बंटवारे की मांग उठाई थी। बल्कि राज्य विधानसभा से उत्तर प्रदेश को अवध प्रदेश, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिम प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव भी पारित कराया था।
पूर्वांचल में मुख्य रूप से राजभर और अन्य पिछड़ी जातियों का खासा असर है। मायावती और राजभर के साथ अलग-अलग समय पर राष्ट्रीय लोक दल और कांग्रेस जैसी पार्टियों के अलावा कई संगठनों ने भी उत्तर प्रदेश को बांटने की मांग उठाई है।