जम्मू-कश्मीर में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही ट्रेनों के देर होने और उनके कैंसिल होने की समस्या अक्सर आती है। खासकर जब घाटी में बर्फबारी होती है तो वंदे भारत ट्रेन पर भी इसका असर पड़ने लगता है। वहीं अब कश्मीर घाटी में चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों पर ठंड और बर्फ का कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि जम्मू-कश्मीर में चलने वाले वंदे भारत ट्रेनों को बेहद ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन ट्रेनों में ऐसे खास फीचर दिए गए हैं, जो सब-जीरो टेंपरेचर और घने कोहरे जैसी मुश्किल मौसम की स्थिति में भी ट्रेन को चलाने में मदद करते हैं।
लगाए जा रहे हैं हीटिंग सिस्टम
इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) के एलएचपी डिवीजन के मुख्य वर्कशॉप इंजीनियर अनुपम चौहान ने बताया कि, बहुत ठंडे और खराब मौसम वाले इलाकों में चलने वाली ट्रेनों के लिए खास सुविधाएं जरूरी होती हैं। इन फीचर्स की मदद से ऐसी परिस्थितियों में ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और आसान बनाया जा सकता है। कश्मीर में चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में पानी की पाइपलाइन को जमने से बचाने के लिए खास हीटिंग सिस्टम लगाया गया है। अनुपम चौहान ने बताया कि यह सिस्टम बहुत ज्यादा ठंड और सब-जीरो तापमान में भी पाइपों के अंदर पानी को जमने नहीं देता। इससे ट्रेन के टॉयलेट और दूसरी सुविधाओं के लिए पानी की सप्लाई लगातार बनी रहती है और यात्रियों को परेशानी नहीं होती।
डीफॉगिंग सिस्टम का होगा इस्तेमाल
कश्मीर के लिए तैयार की गई खास वंदे भारत ट्रेनों में एक मजबूत डीफॉगिंग सिस्टम भी लगाया गया है। अनुपम चौहान के मुताबिक, कश्मीर में घना कोहरा और शीशों पर नमी जमने से आगे और पीछे की तरफ देखने में परेशानी हो सकती है। खासकर ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट के लिए साफ दिखाई देना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में यह सिस्टम शीशों पर जमा कोहरे और नमी को हटाकर बेहतर विजिबिलिटी बनाए रखने में मदद करता है।
बनाया गया है ये खास सिस्टम
ये खास सिस्टम जम्मू-कश्मीर के कठिन मौसम को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। यहां पड़ने वाली कड़ाके की ठंड रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनों के संचालन के लिए चुनौती बनती है। ऐसे में रेलवे आधुनिक सुविधाओं के जरिए इन ट्रेनों को खराब मौसम में भी सुरक्षित तरीके से चलाने की तैयारी कर रहा है। अनुपम चौहान ने बताया कि चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), जो भारतीय रेलवे की तीन बड़ी कोच बनाने वाली फैक्ट्रियों में से एक है, अब उत्पादन बढ़ा रही है और धीरे-धीरे वंदे भारत ट्रेनों के कोच बनाने पर भी ज्यादा ध्यान दे रही है।
देश की सबसे पुरानी और बड़ी कोच बनाने वाली फैक्ट्री इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) की शुरुआत 2 अक्टूबर 1955 को हुई थी। इसका उद्घाटन उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। शुरुआत से अब तक आईसीएफ में 80 हजार से ज्यादा रेल कोच बनाए जा चुके हैं।