'घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे'; SIR को लेकर मतुआ समाज में असमंजस के बीच अमित शाह का बड़ा ऐलान

Amit Shah in Bengal: गृह मंत्री अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बंगाल में SIR को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। खासकर मतुआ समाज में इस प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और कई इलाकों में सुनवाई भी चल रही है

अपडेटेड Dec 30, 2025 पर 2:33 PM
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बंगाल में SIR को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। अब अमित शाह ने ममता सरकार पर नया हमला बोला है

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में हलचल तेज है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरे के दूसरे दिन मंगलवार (30 दिसंबर) को उन्होंने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की सत्ताधारी TMC और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलाअमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल आज भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ की समस्या से जूझ रहा है और राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि अगर बंगाल में BJP की सरकार बनती है, तो घुसपैठ को पूरी तरह रोका जाएगा। उन्होंने कहा, "हम ऐसी मजबूत राष्ट्रीय ग्रीड बनाएंगे, जो बंगाल से घुसपैठ को समाप्त कर देगी। इंसान छोड़ दीजिए परिंदा भी पैर नहीं मार पाए। हम सिर्फ घुसपैठ रोकेंगे ही नहीं, बल्कि घुसपैठियों को चुन-चुनकर भारत के बाहर भेजने का काम भी किया जाएगा।"

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राज्य में SIR को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। खासकर मतुआ समाज में इस प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और कई इलाकों में सुनवाई भी चल रही है। TMC का आरोप है कि SIR के नाम पर वैध मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि यह प्रक्रिया घुसपैठ और फर्जी वोटरों को हटाने के लिए जरूरी है।

वहीं, अमित शाह ने कहा कि TMC के करीब 15 साल के शासन में बंगाल में भ्रष्टाचार और भय का माहौल बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाएं राज्य में सही तरीके से लागू नहीं हो पा रहीं। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार की योजनाएं पूरे देश में गरीबों का जीवन बदल रही हैं, लेकिन बंगाल में वही योजनाएं टोल सिंडिकेट और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती हैं।"

इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता बंगाल की विरासत को बचाने, तेज विकास सुनिश्चित करने और गरीब कल्याण को केंद्र में रखने की होगी। शाह ने दावा किया कि देश के जिन राज्यों में NDA की सरकारें हैं, वहां गरीबों के लिए काम हुआ है और वही मॉडल बंगाल में भी लागू किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए अमित शाह का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। अपने दौरे के दौरान वे पार्टी नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। उनका साफ संदेश है कि भाजपा बंगाल चुनाव को पूरी ताकत से लड़ने जा रही है और राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह के इस दौरे और बयानों से साफ हो गया है कि आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव में घुसपैठ, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे को लेकर भाजपा चुनावी मैदान में उतरेगी।

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