कल का मौसम 1 जुलाई: IMD ने 21 राज्यों में भारी बारिश, 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव
Weather forecast for July 1: मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार 1 जुलाई को देश के 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 17 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है
Weather forecast for July 1: देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और विस्तृत बुलेटिन जारी किया गया है
Weather forecast for July 1: देश के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जुलाई के लिए देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार 1 जुलाई को देश के 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 17 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक मानसून का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आज ही मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई नए हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) सूरत, इंदौर, सागर, सीधी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून और मंडी से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही अगले 2-3 दिनों में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के शेष हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।
1 जुलाई को इन 11 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई को देश के 11 राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है:-
उत्तर प्रदेश (विशेषकर पश्चिमी यूपी): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
बिहार और झारखंड: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण 1 जुलाई को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश होगी।
उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 1 और 2 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
मध्य प्रदेश और विदर्भ: पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) के इलाकों में मानसून के सक्रिय रहने से मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।
ओडिशा: बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के चलते ओडिशा में व्यापक और बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
दक्षिण और पश्चिम भारत: कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी 1 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
इन 10 राज्यों में होगी भारी बारिश
देश के कई अन्य हिस्सों में भी 1 जुलाई को मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है:-
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के कई इलाकों में 1 जुलाई को भारी बारिश के साथ मानसून की गतिविधियां बढ़ेंगी।
हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका के बीच 1 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।
उत्तर प्रदेश (पूर्वी भाग): पूर्वी यूपी में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
गुजरात और मध्य महाराष्ट्र: गुजरात रीजन और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिण के तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अलर्ट है।
17 राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का तांडव
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर दो अलग-अलग श्रेणियां बनाई हैं, जिससे देश के करीब 17 राज्य प्रभावित होंगे:-
1- 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बिजली का अलर्ट (14 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश)
इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी:-
उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गांगेय क्षेत्र), पूर्वी राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।
2- 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अलर्ट (5 राज्य)
उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, तेलंगाना, संपूर्ण कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।
3- केवल बिजली कड़कने की चेतावनी
मध्य प्रदेश, मारथवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में केवल मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना अधिक है।
इसके अलावा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और रायलासीमा क्षेत्र में तेज सतही हवाएं चलने का भी अलर्ट है।
मौसम को प्रभावित करने वाले 3 बड़े सिस्टम
आईएमडी के मौसम विश्लेषण के अनुसार देश में इस समय तीन मुख्य मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं जो इस बदलाव के लिए जिम्मेदार हैं:-
कम दबाव का क्षेत्र: उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे मध्य भारत में मानसून और उग्र होगा।
ऑफ-शोर ट्रफ: महाराष्ट्र से लेकर उत्तरी केरल तट तक समुद्र तल पर एक ऑफ-शोर ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसके कारण कोंकण, गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है।
पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर-पश्चिम भारत में 2 जुलाई, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रही है, जिससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बारिश की गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।
उत्तर-पश्चिम भारत (जैसे दिल्ली, यूपी, पंजाब) में बारिश की वजह से 2 जुलाई तक अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल) में 2 से 4 जुलाई के बीच उमस भरा और गर्म मौसम परेशान कर सकता है।