Who is Dhanraj Parimal Nathwani: समाजवादी पार्टी (SP) ने उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों ने बुधवार (30 सितंबर) को नामांकन दाखिल कर दिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में दोनों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह चुनाव 9 राज्यसभा सदस्यों के कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने के कारण जरूरी हो गए हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा, BJP नेता अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल और सीमा द्विवेदी, सपा नेता राम गोपाल यादव तथा BSP के रामजी गौतम शामिल हैं।
पुरी और वर्मा को केंद्रीय मंत्री बने रहने के लिए पुनः निर्वाचित होना होगा। 10वीं सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद उच्च सदन से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई। उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा संख्या-बल के आधार पर किए गए आकलन के अनुसार, बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन आठ राज्यसभा सीटें जीतने की स्थिति में है। जबकि कांग्रेस के समर्थन से समाजवादी पार्टी (सपा) दो सीटें हासिल कर सकती है।
धनराज नाथवानी राज्यसभा के सांसद परिमल नाथवानी के बेटे हैं। उनके पिता परिमल बीजेपी के समर्थन से इसी साल जून में राज्यसभा सांसद बने थे। इसके साथ ही गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्हें 2022 में सर्वसम्मति से इस पद के लिए चुना गया था। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जगह ली थी। वे गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के तौर पर खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। वह मशहूर द्वारकाधीश मंदिर प्रशासनिक समिति (द्वारका देवस्थान समिति) के वाइस-प्रेसिडेंट हैं। उन्होंने भगवान कृष्ण के जीवन सफर पर आधारित मशहूर मेगा-म्यूजिकल शो 'राजाधिराज: लव. लाइफ. लीला' का निर्देशन और निर्माण भी किया है।
धनराज ने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में बैचलर डिग्री हासिल की है। उन्हें पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और फोटोग्राफी का बहुत शौक है। वे गुजरात के वन्यजीवों (खासकर गिर के शेरों) के संरक्षण से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय रहते हैं।
चुनाव के लिए जोड़तोड़ तेज
उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में जोड़तोड़ और लामबंदी तेज हो गई है। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी ही अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की स्थिति में हैं। ऐसे में दोनों दलों में उम्मीदवारों के चयन और रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 10 सीट शामिल हैं, जिन पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख छह अक्टूबर और मतगणना 16 अक्टूबर को होगी।
ये सांसद होने वाले हैं रिटायर
उत्तर प्रदेश से रिटायर्ड होने वाले राज्यसभा सदस्यों में BJP के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बी.एल. वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी, सपा के रामगोपाल यादव तथा बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रामजी गौतम शामिल हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की सीट 11 सितंबर से खाली है। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उनका इस्तीफा प्रभावी हुआ था। निवर्तमान 10 सीटों में से आठ BJP, एक सपा और एक BSP के पास थीं।
मौजूदा विधानसभा में संख्या बल के आधार पर BJP को सर्वाधिक सीटें मिलने की संभावना है। जबकि उसके बाद सपा का प्रतिनिधित्व होगा। हाल ही में आगरा की फतेहाबाद सीट से BJP विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय विधानसभा में BJP गठबंधन के 288 विधायक हैं। इनमें BJP के 255, अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक शामिल हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास करीब 103 विधायक हैं, जिनमें सपा के 101 विधायक शामिल हैं। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो और तीन निर्दलीय विधायक हैं। इन तीन निर्दलीय विधायकों में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री मनोज कुमार पांडेय भी शामिल हैं। ये तीनों विधायक सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। लेकिन राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी से उनकी दूरियां बढ़ गई थीं। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा।