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भारत में बिजली की मांग बढ़ी, फिर भी घटा कोयले का इंपोर्ट; समझें एनर्जी में 'आत्मनिर्भरता' का नया फॉर्मूला

India Coal Imports: अप्रैल से जनवरी के दौरान कोयले का कुल आयात गिरकर 213.10 मिलियन टन रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ज्यादा था। सिर्फ जनवरी महीने की बात करें तो आयात में 22.1% की भारी गिरावट आई है। यह पिछले साल के 21.37 MT से घटकर महज 16.64 MT रह गया है

Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 22, 2026 पर 1:48 PM
भारत में बिजली की मांग बढ़ी, फिर भी घटा कोयले का इंपोर्ट; समझें एनर्जी में 'आत्मनिर्भरता' का नया फॉर्मूला
हैरान करने वाली बात यह है कि यह गिरावट तब आई है जब देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है

Decoding India's Energy Shift: भारत की ऊर्जा रणनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीनों अप्रैल से जनवरी के बीच भारत के कोयला आयात में 4.2% की गिरावट दर्ज की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह गिरावट तब आई है जब देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। यह कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि भारत की अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। आइए आपको बताते हैं कोयले का गणित।

कोयले के आयात में भारी कटौती

ताजा आंकड़ों के अनुसार, कोयला आयात में कमी का रुझान लगातार बना हुआ है। अप्रैल से जनवरी के दौरान कुल आयात गिरकर 213.10 मिलियन टन रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ज्यादा था। सिर्फ जनवरी महीने की बात करें तो आयात में 22.1% की भारी गिरावट आई है। यह पिछले साल के 21.37 MT से घटकर महज 16.64 MT रह गया है। बता दें कि बिजली बनाने में इस्तेमाल होने वाले नॉन-कोकिंग (थर्मल) कोयले के आयात में सबसे ज्यादा कमी आई है।

क्यों घट रहा है आयात?

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