क्या मौजूदा EMIs से आपको पर्सनल लोन मिलने की संभावना कम हो जाती है?

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन में 40,000 रुपये से लेकर 55 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है, जिसे चुकाने के लिए 12 महीने से 108 महीने तक की समय-सीमा मिलती है। आपकी एलिजिबिलिटी और क्रेडिट प्रोफ़ाइल के आधार पर ब्याज़ दरें सालाना 10% से 30.5% के बीच हो सकती हैं। इस लोन के लिए किसी कोलेटरल की जरूरत नहीं पड़ती है, तुरंत मंजूरी मिल जाती है, कागजी कार्रवाई कम होती है और लोन की शर्तों को पूरा करने वाले लोगों को 24 घंटे के भीतर पैसे मिल जाते हैं

अपडेटेड Aug 07, 2026 पर 3:59 PM
पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते समय आपकी मौजूदा EMIs काफी मायने रखती है

पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते समय आपकी मौजूदा EMIs काफी मायने रखती है, जो आपके फाइनैंशियल प्रोफाइल का सबसे अहम हिस्सा है। इनसे पता चलता है कि आपकी हर महीने की कमाई का कितना हिस्सा पहले से ही लोन चुकाने में जा रहा है, जिससे लोन देने वाले संस्थान यह तय करते हैं कि आप एक नई EMI आसानी से चुका पाएँगे या नहीं। पुरानी EMI का बोझ ज़्यादा होने से आपकी पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कम हो सकती है, मिलने वाले लोन की रकम घट सकती है, या लोन चुकाने की शर्तों पर असर पड़ सकता है।

हालाँकि, पहले से लोन होने का मतलब यह नहीं है कि आपको लोन मिल ही नहीं सकता। लोन लेने वाले संस्थान फैसला लेने से पहले कई बातों पर गौर करते हैं, जिनमें आपकी इनकम, क्रेडिट स्कोर, नौकरी की स्थिरता, लोन चुकाने का पिछला रिकॉर्ड और आपकी बाकी की देनदारियां शामिल हैं।

अगर आप पर्सनल लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि मौजूदा EMI आपकी एलिजिबिलिटी पर कैसे असर डालती हैं, जिससे आपको ज़िम्मेदारी से लोन लेने और आपके लिए सही लोन मिलने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

मौजूदा EMI आपकी पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी पर कैसे असर डालती हैं?


आपकी हर महीने की EMI से आपकी मौजूदा आर्थिक देनदारियों का पता चलता है। जब आप पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो लोन देने वाले संस्थान आपकी इनकम के साथ-साथ इन देनदारियों को भी देखते हैं, उसके आधार पर तय करते हैं कि आप एक और लोन आसानी से चुका पाएंगे या नहीं।

वे आमतौर पर नीचे दी गई बातों पर गौर करते हैं:

  • महीने की इनकम
  • महीने का खर्च
  • शहर
  • जन्म तिथि

अगर आपके महीने की इनकम का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा EMI चुकाने में खर्च हो जाता है, तो इसकी वजह से लोन चुकाने की आपकी क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में, लोन देने वाले संस्थान आपकी फाइनैंशियल प्रोफाइल के आधार पर आपको कम लोन दे सकते हैं या लोन चुकाने की समय-सीमा बदल सकते हैं।

लोन देने वाले संस्थान मौजूदा EMI पर क्यों गौर करते हैं?

लोन देने वाले संस्थान यह पक्का करना चाहते हैं कि ग्राहक किसी आर्थिक दबाव के बिना आसानी से लोन चुका सकें। मौजूदा EMI से उन्हें आपके मौजूदा लोन की जानकारी मिलती है और वे यह तय कर पाते हैं कि आपके लिए एक और लोन लेना सही रहेगा या नहीं।

लोन चुकाने से जुड़ी अपनी देनदारियों पर अच्छी तरह गौर करने से ज़िम्मेदारी से लोन लेने को बढ़ावा मिलता है और समय पर भुगतान न हो पाने का जोखिम भी कम होता है।

पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर कैसे मदद कर सकता है?

पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर में दी गई आर्थिक जानकारी के आधार पर आप मिलने वाले लोन की रकम का अंदाजा लगा सकते हैं।

आमतौर पर, इसमें आपको कुछ जानकारी भरनी होती है जैसे कि:

• महीने की इनकम

• मौजूदा EMIs

• रोज़गार का प्रकार

• लोन की पसंदीदा समय-सीमा

यह कैलकुलेटर कुछ ही सेकंड में बता देता है कि आपको कितना लोन मिल सकता है। हालाँकि यह नतीजा सिर्फ़ एक अंदाज़ा होता है, लेकिन लोन के लिए आवेदन करने से पहले पैसों का हिसाब-किताब लगाने में इससे काफी मदद मिलती है।

कौन-सी बातें आपकी पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी पर असर डालती हैं?

मौजूदा EMI तो बस मूल्यांकन का एक हिस्सा हैं। लोन देने वाले संस्थान पर्सनल लोन को मंजूरी देने से पहले दूसरी कई बातों पर भी गौर करते हैं।

महीने की इनकम

आम तौर पर, ज़्यादा और स्थिर इनकम से आपकी लोन चुकाने की क्षमता बेहतर होती है, जिससे आपकी एलिजिबिलिटी भी बढ़ सकती है।

क्रेडिट स्कोर

अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन के संबंध में आपके ज़िम्मेदारी भरे रवैये को दिखाता है। अगर आप अपने EMI और बिल का समय पर भुगतान करते हैं तो आपको अपने क्रेडिट प्रोफाइल को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

नौकरी में स्थिरता

नौकरीपेशा या अपना रोजगार करने वाले जिन लोगों की इनकम में स्थिरता है और लगातार नौकरी का रिकॉर्ड भी बेहतर है तो ऐसे लोगों को लोन मिलने की संभावना थोड़ी ज्यादा होती है।

लोन की समय-सीमा

लोन चुकाने के लिए लंबी समय-सीमा चुनने से आपकी महीने की EMI कम हो सकती है, हालाँकि इससे पूरे लोन के दौरान कुल मिलाकर ज्यादा ब्याज़ चुकाना पड़ सकता है।

मौजूदा आर्थिक देनदारियाँ

लोन की EMI के अलावा, लोन देने वाले संस्थान आपके लोन चुकाने की क्षमता का अंदाजा लगाते समय आपकी कुल आर्थिक देनदारियों पर भी गौर कर सकते हैं।

क्या आप अपनी पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी को बेहतर बना सकते हैं?

भले ही एलिजिबिलिटी कई बातों पर निर्भर करती है, पर लोन के लिए आवेदन करने से पहले आप अपने फाइनैंशियल प्रोफाइल को और बेहतर बना सकते हैं।

आप इन बातों को ध्यान में रख सकते हैं:

•अपने मौजूदा EMIs का समय पर भुगतान करना

• जहां तक हो सके, बकाया लोन कम करना

• थोड़े समय के भीतर बार-बार लोन के लिए आवेदन करने से बचना

• अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखना।

• लोन चुकाने के लिए सही समय-सीमा चुनना

• सिर्फ़ उतनी ही रक़म के लिए आवेदन करना जिसकी आपको असल में ज़रूरत हो

ज़िम्मेदारी से लोन लेने से न सिर्फ़ आपकी एलिजिबिलिटी बेहतर होती है, बल्कि आपको लोन चुकाने में भी आसानी होती है।

पर्सनल लोन फाइनेंसिंग का सुविधाजनक विकल्प क्यों है?

पर्सनल लोन बेहद सुविधाजनक होता है, क्योंकि इसके लिए कोलेटरल की जरूरत नहीं होती और इसका उपयोग पहले से तय या अचानक सामने आने वाले कई तरह के खर्चों के लिए किया जा सकता है।

आप निम्नलिखित कामों के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं:

• मेडिकल इमरजेंसी

• आगे की पढ़ाई

• शादी का खर्च

• घर की मरम्मत

• ट्रैवल का खर्च

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन में 40,000 रुपये से लेकर 55 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है, जिसे चुकाने के लिए 12 महीने से 108 महीने तक की समय-सीमा मिलती है। आपकी एलिजिबिलिटी और क्रेडिट प्रोफ़ाइल के आधार पर ब्याज़ दरें सालाना 10% से 30.5% के बीच हो सकती हैं। इस लोन के लिए किसी कोलेटरल की जरूरत नहीं पड़ती है, तुरंत मंजूरी मिल जाती है, कागजी कार्रवाई कम होती है और लोन की शर्तों को पूरा करने वाले लोगों को 24 घंटे के भीतर पैसे मिल जाते हैं।

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन के लिए कौन-कौन आवेदन कर सकते हैं?

आपकी एलिजिबिलिटी लोन देने वाले संस्थान के नियमों और आपकी आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। आम तौर पर, लोगों की एलिजिबिलिटी जांचने के लिए इन बातों को देखा जाता है:

 

राष्ट्रीयता भारतीय
उम्र 21 साल से 80 साल तक
नौकरी पब्लिक, प्राइवेट या MNC
CIBIL स्कोर 650 या उससे ज्यादा
ग्राहक का प्रोफाइल खुद का रोजगार या नौकरीपेशा

लोन की समय-सीमा पूरी होने पर आपकी उम्र 80 साल या उससे कम होनी चाहिए

लोन पाने की शर्तें पूरी करने से लोन मंजूरी मिलने की गारंटी नहीं मिलती, क्योंकि हर आवेदन का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाता है।

आमतौर पर किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है?

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन के लिए बहुत कम दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है। यहाँ उन दस्तावेज़ों की सूची दी गई है जिनकी आवेदन के समय ज़रूरत होती है:

दस्तावेज़ों की श्रेणी मान्य विकल्प
KYC संबंधी दस्तावेज  आधार/पासपोर्ट/मतदाता पहचान पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस/ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का पत्र/ NREGA जॉब कार्ड
पहचान संबंधी दस्तावेज PAN कार्ड, वास्तविक समय की तस्वीर/फोटो
रोज़गार संबंधी दस्तावेज  कर्मचारी पहचान पत्र, नौकरी देने वाली कंपनी द्वारा जारी आवास आवंटन पत्र
इनकम प्रूफ   पिछले 3 महीनों की सैलरी स्लिप, पिछले 3 महीनों का बैंक अकाउंट स्टेटमेंट
अन्य  पेंशन ऑर्डर, आवश्यक सेवाओं के बिल, फ़ोन बिल, पाइप्ड गैस बिल, प्रॉपर्टी या नगरपालिका की टैक्स रसीद

लोन चुकाने के विकल्प बेहतर फाइनैंशियल प्लानिंग में कैसे मदद करते हैं?

  • लोन चुकाने की सही समय-सीमा चुनना आपके महीने के बजट को अच्छी तरह संभालने में अहम भूमिका निभाता है।
  • लोन चुकाने की समय सीमा काम हो ने से कुल ब्याज़ तो कम हो सकता है, लेकिन आपकी मासिक EMI बढ़ सकती है। वहीं, लोन चुकाने की लंबी समय-सीमा से आपके महीने की EMI कम हो सकती है, क्योंकि इसमें लोन चुकाने का समय बढ़ जाता है।
  • पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले, अपनी महीने की इनकम, मौजूदा EMI और अपने आर्थिक लक्ष्यों पर जरूर गौर करें ताकि आप अपने बजट के हिसाब से लोन चुकाने का सही विकल्प चुन सकें।
  • ज़िम्मेदारी से लोन लेने से आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।
  • पर्सनल लोन लेने से आपको अपने आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलनी चाहिए, न कि आप पर बेवजह का आर्थिक दबाव पड़ना चाहिए।

लोन लेने से पहले:

• अपनी हर महीने की लोन चुकाने की क्षमता का सही अंदाज़ा लगाएं

• सिर्फ़ उतनी ही रकम लोन लें जितनी आपको ज़रूरत हो

• सभी EMI का भुगतान समय पर करते रहें

• अपनी लोन लेने की क्षमता का अंदाज़ा लगाने के लिए पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें

• ऑफ़र मान लेने से पहले लोन की शर्तों को ध्यान से पढ़ें

ज़िम्मेदारी से लोन लेने से आपको अपनी आर्थिक ज़िम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ-साथ एक अच्छा क्रेडिट प्रोफ़ाइल बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

मौजूदा EMIs आपके पर्सनल लोन की एलिजिबिलिटी तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं, क्योंकि ये आपकी हर महीने लोन चुकाने की क्षमता पर असर डालती हैं। आपकी इनकम, क्रेडिट प्रोफ़ाइल, नौकरी की स्थिरता और लोन चुकाने के पिछले रिकॉर्ड के साथ-साथ, ये लोन देने वाले संस्थानों को यह समझने में मदद करती हैं कि आप ज़िम्मेदारी से कितना लोन ले सकते हैं। आवेदन करने से पहले पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करने से आपको एक अंदाज़ा मिलता है और आप भरोसे के साथ अपने फ़ाइनेंस की योजना बना पाते हैं।

नियम व शर्तें लागू

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।