Moneycontrol » समाचार » बजट अपेक्षाएं

Budget special: कोरोना काल में क्या रहेगी बजट की दिशा, सीतारमण के पास दरियादिली दिखाने की कितनी गुंजाइश

बजट 2021 में सरकार खेती से लेकर कई सेक्टर में फोकस कर सकती है। जानिए सेक्टर्स को मिल सकती है राहत
अपडेटेड Jan 28, 2021 पर 14:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एक फरवरी को पेश होने वाले बजट से लोगों और इंडस्ट्री की क्या उम्मीदें हैं और वित्त मंत्री के पास इन्हें पूरा करने की कितनी गुंजाइश है? बजट अड्डा में इसी इसी मुद्दे पर बड़ी चर्चा हो रही है। इस चर्चा में सीएनबीसी -आवाज़ के साथ है। राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, Rasna के CMD पिरुज खम्बाटा, Apex Chamber of Commerce & Industry के प्रेसिडेंट कपिल चोपड़ा, TeamLease के बिजनेस हेड अमित वडेरा और बिजनेस स्टैंडर्ड के एडिटोरियल हेड ए के भट्टाचार्य।


इस चर्चा में कुछ अहम बातें निकल कर आईं आइए डालतें है इन पर एक नजर


किसान, खेती पर फोकस रहेगा फोकस


इस बार क्रॉप डायवर्सिफिकेशन के लिए इंसेंटिव स्कीम पर फोकस हो सकता है। किसानों को सीधे आर्थिक मदद देने की योजना पर काम किया जा सकता है।  वैकल्पिक फसल उगाने पर किसानों को इंसेंटिव पर भी विचार किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक वैकल्पिक फसल पर किसानों को 7000 रुपए प्रति एकड़ इनसेंटिव मिलेगा। बुआई पर 2000 रुपए और फसल तैयार होने पर 5000 रुपए इनसेंटिव मिलेगा।


PM-KUSUM स्कीम का बढ़ सकता है दायरा


कृषि उड़ान स्कीम का विस्तार किया जा सकता है। साथ ही नौकरियों पर भी अच्छी खबर मिलने की संभावना जताई जा रही है। नई नौकरी देने पर कंपनियों को इंसेंटिव मिलने की संभावना है। कंपनियों पर सोशल सिक्योरिटी का बोझ घटाया जा सकता है। इतना ही नहीं नई भर्तियों पर ESI योगदान से छूट मिलने की संभवाना है। 21,000 रुपए तक सैलरी वाले कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है। ESI के जरिए कर्मचारियों को आर्थिक, बीमा लाभ मिलने की संभवाना है।


बजट में लगेगा कोविड सेस!


इस साल के बजट में कोविड सेस लगाने की तैयारी की जा सकती है। मौजूदा सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा हो सकती है। मौजूदा सेस और सरचार्ज में 0.5% बढ़ोतरी संभव है।


कोरोना के इलाज पर मिलेगी छूट


कोरोना के इलाज के खर्च पर टैक्स में छूट मिलने की संभावना जताई जा रही है। 80DDB के तहत यह राहत मिल सकती है। कोरोना को Specific Disease में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है।


MSMEs को मिलेगी राहत !


MSMEs को कर्ज लेना आसान होने की संभावना है। TReDS पोर्टल पर MSMEs के लिए स्कीम लाई जा सकती है। साथ ही NBFCs को पोर्टल पर लेंडिंग की मंजूरी मिलने की संभावना है।


NBFCs को मिलेगी राहत !


NBFCs की लिक्विडिटी की दिक्कत दूर की जा सकती है। बिना रेटिंग वाले NBFCs को टर्म लोन की सुविधा मिलने की संभावना है। NBFCs को डेडिकेटेड फंडिंग होगी। TDS कटौती के नियमों में NBFCs को राहत मिलने की संभावना है।


इंफ्रा पर खास फोकस


इंफ्रा सेक्टर के लिए नेशनल बैंक बनाए जा सकते हैं। 1 Lk Cr रूपए Authorized Capital का प्रावधान संभव है। 20,000 Cr Initial Paid Up Capital की संभावना है। पेंशन, प्रोविडेंट फंड का एक हिस्सा जा सकता है। टैक्स फ्री बॉन्ड के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी की जा सकती है। llFCL की जगह नेशनल बैंक जगह ले सकता है।


इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग


इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्कीम लाई जा सकती है। 10,000 Cr से ज्यादा की स्कीम की घोषणा संभव है। लैपटॉप, टैबलेट बनाने के लिए इंसेटिव मिलने की संभावना है। प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, स्मार्ट वॉच भी इसमें शामिल हैं। वर्चुअल हेडसेट, ईयर बड्स को भी शामिल किया जा सकता है।


इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर रहेगी नजर


इंपोर्टेड इलेक्ट्रिक गाड़ियां अब महंगी हो सकती हैं। EVs के CBU और SKD पर ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है। EV मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए फैसला लिया जा सकता है। 40% से बढ़ाकर 50% तक कस्टम ड्यूटी हो सकती है।


डिजिटल शिक्षा पर जोर


डिजिटल शिक्षा इंफ्रा के लिए फंड जुटाया जा सकता है। वर्चुअल लैब्स, डिजिटल ट्रेनिंग का विस्तार किया जा सकता है। ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड का विस्तार ोहने की संभावना है। साथ ही निपुण भारत अभियान की घोषणा भी जा सकती है।


इंडस्ट्री के लिए घोषणा संभव


फार्मा के लिए डिस्कवर इन इंडिया स्कीम लॉन्च की जा सकती है। API मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की तैयारी की जा सकती है। R&D प्रमोट करने के लिए नई इनोवेशन पॉलिसी लाई जा सकती है। एक्सपोर्ट के लिए अलग से फंड बनाया जा सकता है।


वित्त मंत्री के सामने होंगी चुनौतियां


वित्त मंत्री के सामने कोरोना से जूझ रही इकोनॉमी में दोबारा कॉन्फिडेंस जगाना एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। सरकार को लोगों में पैसा खर्च करने के लिए विश्वास जगाना होगा। सरकार को ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवाना लक्ष्य रखना पड़ सकता है। वित्त मंत्री को वैक्सीनेशन पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है। दिक्कत वाले सेक्टर्स को बूस्टर डोज भी वित्त मंत्री को देना होगा। वित्त मंत्री को Fiscal Deficit की चिंता करे बिना ग्रोथ पर फोकस करना होगा। साथ ही अतिरिक्त सेस लगाने से भी वित्त मंत्री को बचना होगा।


FY21 में GDP का हाल


वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में अगर नजर डालें तो ये -23.9% पर थी। दूसरी तिमाही में GDP में कुछ बड़ा सुधार दिखा और ये -7.5% रही। अनुमान है कि पूरे वित्त वर्ष 2021 में यह -7.7% फीसदी रहेगी।



सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।