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भारी डिस्काउंट देने के मामले में तीन क्विक कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ CCI से जांच की मांग

देश में रिटेल डिस्ट्रीब्यूटर्स के सबसे बड़े ग्रुप ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ने CCI से तीन क्विक कॉमर्स कंपनियों की जांच की मांग की है। फेडरेशन ने प्राइसिंग काफी कम रखने के मामले में 3 कंपनियों- जोमैटो की ब्लिंकिट, स्विगी और जेप्टो के खिलाफ जांच की मांग की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ने दावा किया है कि ये कंपनियां बड़े पैमाने पर डिस्काउंट दे रही हैं और ग्राहकों को लुभाने के लिए लागत से कम पर प्रोडक्ट्स बेच रही हैं, जिससे पारंपरिक रिटेल ऑपरेशंस को नुकसान हो रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 20, 2024 पर 10:50 PM
भारी डिस्काउंट देने के मामले में तीन क्विक कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ CCI से जांच की मांग
भारत में क्विक कॉमर्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

देश में रिटेल डिस्ट्रीब्यूटर्स के सबसे बड़े ग्रुप ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AICPDF) ने कॉम्पिटिशन कमीशन (CCI) से तीन क्विक कॉमर्स कंपनियों की जांच की मांग की है। फेडरेशन ने प्राइसिंग काफी कम रखने के मामले में 3 कंपनियों- जोमैटो की ब्लिंकिट, स्विगी और जेप्टो के खिलाफ जांच की मांग की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ने दावा किया है कि ये कंपनियां बड़े पैमाने पर डिस्काउंट दे रही हैं और ग्राहकों को लुभाने के लिए लागत से कम पर प्रोडक्ट्स बेच रही हैं, जिससे पारंपरिक रिटेल ऑपरेशंस को नुकसान हो रहा है।

भारत में क्विक कॉमर्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और कंपनियां सिर्फ 10 मिनट में ग्रोसरी से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक के आइटम की डिलीवरी का दावा कर रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सामानों की डिलीवरी का यह क्विक मॉडल न सिर्फ ग्राहकों की आदतों को बदल रहा है, बल्कि एमेजॉन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए भी चुनौती पैदा कर रहा है।

कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) को लिखी चिट्ठी में इस बात को लेकर चिंता जताई गई है कि कई कंज्यूमर गुड्स कंपनियां सीधे तौर पर क्विक कॉमर्स कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रही हैं और पारंपरिक डिस्ट्रीब्यूटर्स को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिन्होंने अब तक प्रोडक्ट को मैन्युफैक्चरर्स से रिटेलर्स तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इसमें कहा गया है, ' इस तरह के प्रचलन से पारंपरिक रिटेलर्स के लिए प्रतिस्पर्धा करना या अपने वजूद को बचाए रखना मुश्किल हो गया है।' फेडरेशन ने पारंपरिक डिस्ट्रिब्यूटर्स और छोटे रिटेलर्स के हितों की सुरक्षा के लिए CCI से कदम उठाने की मांग की है।

इस सिलसिले में ब्लिंकिट, स्विगी और जेप्टो को भेजी गई ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉम्पिटिशन कमीशन ने अब तक ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन की अपील पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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