ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) के को-फाउंडर बिन्नी बंसल ने अपनी बाकी हिस्सेदारी भी वॉलमार्ट (Walmart) को बेच दी है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि बंसल के पास अब कंपनी में कोई हिस्सेदारी नहीं है। साथ ही, कंपनी के शुरुआती इनवेस्टर्स ऐक्सेल (Accel) और टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) मैनेजमेंट ने भी अपनी पूरी हिस्सेदारी वॉलमार्ट को बेच दी है।
एक्सेल ने 2008 में फ्लिपकार्ट में 20 पर्सेंट हिस्सेदारी ली थी, लेकिन वॉलमार्ट द्वारा कंपनी के अधिग्रण से पहले तक इसे धीरे-धीरे घटाकर 6 पर्सेंट कर लिया था। वॉलमार्ट ने 2018 में कंपनी में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदा था। अधिग्रहण के बाद भी हाल तक ऐक्सेल ने कंपनी में 1.1 पर्सेंट हिस्सेदारी बनाए रखी थी।
सूत्रों ने मनीकट्रोल (Moneycontrol) को बताया कि ऐक्सेल 2023 में पूरी तरह से कंपनी से बाहर निकल गई है और उसका कुल रिटर्न तकरीबन 1.5-2 अरब डॉलर रहा है। ऐक्सेस का कुल निवेश 6-8 करोड़ डॉलर था और कंपनी ने पिछले सालों में 25-30 गुना रिटर्न कमाया।
इसी तरह, वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण किए जाने के बाद इनवेस्टमेंट फर्म टाइगर ग्लोबल के पास भी थोड़ी सी हिस्सेदारी थी, लेकिन अब यह भी पूरी तरह से कंपनी से बाहर निकल गई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) की खबर के मुताबिक, इस स्टेक की बिक्री से टाइगर ग्लोबल को 3.5 अरब डॉलर मिले।
फ्लिपकार्ट के एक और को-फाउंडर सचिन बंसल (Sachin Bansal) ने 2018 में ही वॉलमार्ट को अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी थी, जबकि उनके पार्टनर बिन्नी बंसल ने अधिग्रहण के बाद भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखी थी। अब उन्होंने अपनी बाकी हिस्सेदारी भी वॉलमार्ट को बेच दी है और इससे उन्हें 1.5 अरब डॉलर मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह डील फ्लिपकार्ट के पिछले वैल्यूएशन (38 अरब डॉलर) से थोड़े डिस्काउंट पर हुई है।
एक सूत्र ने बताया, 'बिन्नी बंसल ने फ्लिपकार्ट में अपनी बाकी 1-1.5 पर्सेंट हिस्सेदारी बेच दी है। हालांकि, वह कंपनी के बोर्ड में बन रहेंगे।' बिन्नी बंसल ने इस बारे में भेजे गए मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, वॉलमार्ट के प्रवक्ता ने इस डील की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी ने टाइगर ग्लोबल समेत कुछ इनवेस्टर्स ने फ्लिपकार्ट में कुछ और हिस्सेदारी खरीदी है।
प्रवक्ता ने बताया, 'हम पिछले वर्षों के दौरान टाइगर ग्लोबल की सहभागिता और सहयोग की कद्र करते हैं। हमें फ्लिपकार्ट के बेहतर भविष्य को लेकर पूरा भरोसा है। नए और उभरते हुए बाजारों में फ्लिपकार्ट की ग्रोथ जारी है।' इस डील को लेकर पिछले साल से ही बातचीत चल रही थी। वॉलमार्ट ने मई 2018 में फ्लिपकार्ट 77 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीदी थी और यह सौदा 16 अरब डॉलर में हुआ था।