ग्रॉसरी डिलीवर करने वाली कंपनी Blinkit की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कंपनी के नए पेआउट स्ट्रक्चर से नाखुश 1000 से अधिक डिलीवरी एक्जीक्यूटिव ने नौकरी छोड़कर दूसरी कंपनियां ज्वाइन करने का निर्णय लिया है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इन डिलीवरी वर्कर्स ने Blinkit की प्रतिद्वंदी कंपनियों जैसे स्विगी, इंस्टामार्ट, जिप्टो और बिग बास्केट में नौकरी ज्वाइन कर ली है। बता दें कि Zomato की सब्सिडियरी कंपनी ब्लिंकिट ने हर डिलीवरी पर फिक्स्ड पेआउट को 25 रुपये से घटाकर 15 रुपये कर दिया है।
पेआउट स्ट्रक्चर में बदलाव के इस फैसले से नाराज डिलीवरी वर्कर्स हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते ब्लिंकिट को गुरुग्राम में अपने कई स्टोर्स को बंद करना पड़ा है। और अब इन डिलीवरी वर्कर्स ने विरोध करते हुए दूसरी कंपनियां ज्वाइन कर ली है।
पिछले हफ्ते हड़ताल पर चले गए थे कर्मचारी
कंपनी के फैसले से नाराज ब्लिंकिट डिलीवरी वर्कर्स ने पिछले हफ्ते दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया था। इसके चलते दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे इलाकों में कंपनी की सेवाएं बाधित हुईं।
हड़ताल से पहले ब्लिंकिट के दिल्ली-एनसीआर में लगभग 3,000 डिलीवरी कर्मचारी थे। एक हफ्ते के विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग 1000 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी है। यानी लगभग एक तिहाई कर्मचारी स्विगी, इंस्टामार्ट, ज़ेप्टो और बिग बास्केट में शामिल हो गए हैं।
ब्लिंकिट हायर कर रही है नए राइडर्स
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने इस उम्मीद में नौकरी छोड़ दी कि कंपनी अपने इस फैसले को वापस लेगी। हालांकि, ब्लिंकिट ने ऐसा कोई संदेश नहीं दिए हैं। इससे ऐसा लगता है कि कंपनी अपने फैसले के साथ आगे बढ़ने के मूड में है। इतना ही नहीं, डिलीवरी फर्म कर्मचारियों की कमी से निपटने के लिए नए राइडर्स भी हायर कर रही है।
ब्लिंकिट दिल्ली-एनसीआर में लगभग 200 डार्क स्टोर ऑपरेट करती है। ये स्टोर 2-3 किमी के दायरे में काम करते हैं और डिलीवरी के लिए इन गोदामों से सामान उठाया जाता है। राइडर की हड़ताल के कारण लगभग 100 दुकानें बंद हो गई हैं।