प्लेन बनाने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनी बोइंग ने अब हायरिंग पर रोक लगा दी है। साथ ही, वह कैश बचाने के लिए कई अन्य तरह के कदम भी उठा रही है। हाल में बोइंग के 33,000 एंप्लॉयीज द्वारा हड़ताल किए जाने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। कंपनी आने वाले हफ्तों में कई एंप्लॉयीज, मैनेजर्स और एग्जिक्यूटिव्स को अस्थायी तौर पर छुट्टी भी भेजने पर विचार कर रही है।
बोइंग के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर ब्रायन वेस्ट ने बताया कि हड़ताल ने कंपनी की रिकवरी को बड़े पैमान पर प्रभावित किया है, लिहाजा कंपनी को कैश बचाने और भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। बोइंग में सभी स्तरों पर रिकवरी के अलावा, प्लेन बनाने वाली यह कंपनी ज्यादातर एंप्लॉयीज के ट्रैवल पर रोक लगा रही है। साथ ही, गैर-जरूरी पूंजीगत खर्चों, सुविधाओं में कटौती आदि उपाय भी कर रही है। कंपनी सप्लायर से जुड़े खर्चों में भी बड़े पैमाने पर कटौती की तैयारी में है और 737, 767 और 777 प्रोग्राम के लिए ज्यादातर परेचज ऑर्डर जारी करना रोक देगी।
33,000 वर्कर्स के हड़ताल पर जाने से बोइंग में प्रोडक्शन रुक गया है। इसका असर भारतीय एयरलाइन इंडस्ट्री पर पड़ सकता है। कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट ऑफर को अस्वीकार करने के बाद कंपनी के एंप्लॉयीज हड़ताल पर चले गए थे। यह बोइंग में 16 सालों में पहली हड़ताल है।