मंदी से जूझ रही देश की इकोनॉमी के अच्छे दिन वाले हैं। मोदी सरकार ने अपने पहले बजट में साफ कर दिया कि इकोनॉमी की सेहत से कोई समझौता नहीं होगा। और अगर इसके लिए कोई कड़वी दवा की जरूरत होगी तो वो इससे भी नहीं हिचकेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में भरोसा जताया कि वो 4.1 फीसदी वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पुरानी तारीखों से टैक्स वसूलने का कोई इरादा नहीं है। वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि देश 7-8 फीसदी की ग्रोथ जल्द हासिल करेगा।
