Budget 2020: RBI गवर्नर का सुझाव, ग्रोथ के लिए कंजंप्शन डिमांड बढ़ाने की जरूरत

दिल्ली के एक समारोह में चीफ जस्टिस एस ए बोवडे ने कहा कि ज्यादा टैक्स जनता के लिए अन्याय जैसा होता है।

अपडेटेड Jan 27, 2020 पर 9:42 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google

आम बजट में सिर्फ एक हफ्ता बाकी है और जानकारों में डिमांड और ग्रोथ को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांता दास ने ग्रोथ के लिए स्ट्रकचरल रिफॉर्म की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी की अपनी कुछ सीमाएं हैं और ग्रोथ को बूस्ट करने के लिए सरकार को स्ट्रकचरल बदलाव करने पड़ेंगे। शक्तिकांता दास का कहना है कि इकोनॉमी में ग्रोथ के लिए कंजंप्शन डिमांड बढ़ाने की जरूरत है। सेंट स्टीफन कॉलेज में छात्रों के साथ खास चर्चा में RBI गवर्नर ने फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, टूरिजम, ई-कॉमर्स और स्टार्टअप्स को ग्लोबल वैल्यू चेन का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इंफ्रा सेक्टर में कैपेक्स बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों से केंद्र को मदद मिल सकती है। इंफ्रा सेक्टर पर केंद्र सरकार का फोकस है।


बजट से पहले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस ए बोवडे ने भी टैक्स को लेकर बड़ा बयान दिया है। दिल्ली के एक समारोह में चीफ जस्टिस एस ए बोवडे ने कहा कि ज्यादा टैक्स जनता के लिए अन्याय जैसा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से मनमाना और ज्यादा टैक्स आम जनता के लिए अन्याय से कम नहीं होता है। ज्यादा टैक्स पर CJI ने कहा कि टैक्स थोपना नागरिकों के लिए सोशल अन्याय है। मनमाना टैक्स लगाना सामाजिक अन्याय है। समाज के लिए जल्दी न्याय करना जरूरी है। न्याय में देरी से टैक्स ट्रिब्यूनल बनते हैं।

 

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।