1 फरवरी को आने वाले बजट से मिडिल क्लास को भी भारी उम्मीदें है। मिडल क्लास की पुकार है कि सरकार टैक्स घटाए। अब सवाल ये हैं कि करोना काल में कड़की की दौर से गुजर रही सरकार के पास ऐसा करने की कितनी गुंजाइश है और देश के आम करदाता के लिए किया क्या जा सकता है। इस मुद्दे पर बात करने के लिए सीएनबीसी आवाज़ के साथ हैं। टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली और Deloitte India के डायरेक्टर नितिन बैजल।
नया/पुराना टैक्स सिस्टम: कहां हो बदलाव?
इस पर नितिन बैजल की सलाह है कि नई टैक्स व्यवस्था चुनने पर ज्यादातर टैक्स छूट खत्म हो गई है। पुरानी व्यवस्था टैक्सपेयर्स के लिए ज्यादा फायदेमंद थी।
HRA और LTA को नई टैक्स व्यवस्था से हटाना गलत है। इस साल के बजट में स्लैब्स का दायरा बढ़ना चाहिए। स्टैंडर्ड डिडक्शन ला जाना चाहिए।
शरद कोहली की सलाह
निवेश के जरिए टैक्स बचाना इकोनॉमी के लिए अच्छा है। पुरानी व्यवस्था में टैक्स कटौती की गुंजाइश संभव है। PF,इंश्योरेंस, ट्यूशन फीस जैसे कई विकल्प मौजूद है। नए सिस्टम में टैक्स दरों में कटौती की जानी चाहिए।
इनकम टैक्स स्लैब में होगा बदलाव ?
नितिन बैजल की सलाह
सेक्शन 87A के तहत 12,500 तक की टैक्स छूट है। सभी तरह की छूट लेने पर 5 लाख तक आय टैक्स फ्री है। नई व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन को लाना चाहिए। नितिन बैजल की सलाह है कि टैक्स स्लैब्स के बीच बड़ा अंतर खत्म होना चाहिए। पुरानी टैक्स व्यवस्था में बदलाव करने की जरूरत है। टैक्सपेयर्स की संख्या में बढ़ेगी तो कलेक्शन बढ़ेगा।
कैसे बढ़ेगी टैक्सपेयर्स की संख्या ?
शरद कोहली का कहना है कि देश में 40 करोड़ पैन धारक और 6 करोड़ रिटर्न भरने वाले हैं। नॉन सैलेरीड से तीन गुना सैलेरीड टैक्सपेयर हैं। टैक्स चोरी करने वालों को रडार में लाना जरूरी है। सरकार को टैक्सपेयर्स का बेस बढ़ाने की जरूरत
नितिन बैजल की सलाह है कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को विशेष सुविधाएं मिलनी चाहिए। ईमानदार टैक्सपेयर्स को सम्मान मिलना चाहिए। विशेष सुविधाओं के चलते लोग स्वेच्छा से टैक्स देंगे। टैक्स सिस्टम में बदलाव से लोग प्रेरित होंगे।
इस बार बढ़ेगा सेक्शन 80C का दायरा ?
नितिन बैजल का कहना है कि कई सालों से सेक्शन 80C में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 1.5 लाख रुपए की सीमा बढ़कर 2.5 लाख रुपए होना चाहिए। 80C में PF,इंश्योरेंस, ट्यूशन फीस जैसे कई विकल्प हैं।
शरद कोहली की सलाह है कि ट्यूशन फीस के लिए अलग सेक्शन हो चाहिए। इसको सेक्शन 80C के दायरे से बाहर रखें। प्रॉपर्टी पर स्टांप ड्यूटी भी 80C से बाहर होने चाहिए। हाउसिंग लोन के प्रिंसिपल पार्ट को भी बाहर रखे जाने की जरूरत है। खर्च और निवेश को अलग-अलग करने की जरूरत है।
बजट में घर खरीदारों को मिलेगा तोहफा ?
नितिन बैजल की सलाह है कि होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपए की टैक्स छूट बेहद कम है। ऐसे फैसलों से रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
होम लोन के ब्याज पर 3.5 लाख तक टैक्स छूट मिलनी चाहिए।
कोरोना काल में मेडिकल खर्च पर छूट बढ़े?
शरद कोहली की राय है कि सेक्शन 80D में टैक्स छूट की सीमा बेहद कम है। कोरोना की वजह से इलाज पर टैक्स छूट बढ़नी चाहिए। इलाज के खर्च को 80DDB के दायरे में लाना चाहिए।
शेयरों से कमाई पर LTCG टैक्स हटेगा ?
नितिन बैजल का कहना है कि शेयरों से 1 लाख तक की कमाई पर LTCG टैक्स नहीं है। 1 लाख की सीमा बढ़ाकर 3 लाख तक करना चाहिए। वहीं, शरद कोहली का कहना है कि शेयरों से कमाई पर LTCG टैक्स खत्म होना चाहिए। LTCG टैक्स हटने से निवेशकों की संख्या बढ़ेगी। होल्डिंग पीरियड को बढ़ाकर दो साल करना चाहिए। समय सीमा बढ़ने से ज्यादा निवेशक जुड़ेंगे।
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